शिमला में SFI की क्रमिक भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी
शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक मामलों के विरोध में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की ओर से शिमला स्थित उपायुक्त कार्यालय के बाहर 20 जुलाई से शुरू की गई क्रमिक भूख हड़ताल गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रही।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 23 जुलाई, 2026 :
शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक मामलों के विरोध में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की ओर से शिमला स्थित उपायुक्त कार्यालय के बाहर 20 जुलाई से शुरू की गई क्रमिक भूख हड़ताल गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रही।
SFI के अनुसार, गुरुवार को अरुण, अंजली भगत, तिजेंदर, दिया और उपेंद्र क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती।
SFI ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। संगठन ने कहा कि NEET, JEE, CUET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं के संचालन को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और शिक्षा व्यवस्था में छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है।
संगठन ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में पूरे देश में आवाज उठाई जा रही है। SFI ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसकी संगठन ने कड़ी निंदा की है।
SFI की प्रमुख मांगें : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग किया जाए, नई शिक्षा नीति (NEP) को वापस लिया जाए, सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाया जाए।
SFI ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और समान अवसर सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है। संगठन ने हिमाचल प्रदेश के छात्रों, अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से इस आंदोलन के समर्थन में आगे आने की अपील की।
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