हिमाचल में खेलों को बढ़ावा दे रही कारकार , प्रदेश में विकसित की जा रही है बेहतरीन खेल अधोसंरचना : सीएम 

हिमाचल में खेल केंद्रित मॉडल विकसित कर प्रदेश सरकार हिमाचल को खेल भूमि के रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत है। दूरदर्शी सोच और सशक्त नेतृत्व के साथ प्रदेेश में खेल के क्षेत्र में ऐसा इको सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार प्रदान किया जा रहा है। जिला हमीरपुर में नादौन के खरेड़ी में 65.61 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक बहुउद्देशीय खेल परिसर का निर्माण किया जा रहा है

Sep 27, 2025 - 19:47
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हिमाचल में खेलों को बढ़ावा दे रही कारकार , प्रदेश में विकसित की जा रही है बेहतरीन खेल अधोसंरचना : सीएम 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  27-09-2025

हिमाचल में खेल केंद्रित मॉडल विकसित कर प्रदेश सरकार हिमाचल को खेल भूमि के रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत है। दूरदर्शी सोच और सशक्त नेतृत्व के साथ प्रदेेश में खेल के क्षेत्र में ऐसा इको सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार प्रदान किया जा रहा है। जिला हमीरपुर में नादौन के खरेड़ी में 65.61 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक बहुउद्देशीय खेल परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इस परिसर मेें आठ लेन के स्वीमिंग पूल, शूटिंग रेंज, कुश्ती, मुक्केबाजी, कबड्डी, टेबल टेनिस, टेनिस और बैडमिंटन के लिए खिलाड़ियों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। 
सरकार का उददेश्य विश्वस्तरीय खेल बुनियादी ढांचा विकसित करना, युवाओं की प्रतिभा को निखारना और एक समावेशी खेल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है, जो खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने में सहायक सिद्ध हों। यह परिवर्तन केवल हिमाचल में खेलों का नया दौर शुरू नहीं कर रहा है। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन के उद्देश्य से राज्य व राष्ट्र स्तर की खेल प्रतियोगिताओं मंे भाग लेने वाले खिलाड़ियों को उस अवधि के दौरान विशेष अवकाश उपस्थिति के रूप में दर्ज किया जाएगा। इससे अब खिलाड़ियों के आन्तरिक मूल्याकंन व शैक्षणिक रिकॉर्ड पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। स्कूलों को ऐसे छात्रों को अनुपस्थित अंकित करने के बजाय विशेष अवकाश उपस्थित करने के रूप में अंकित करने के आदेश दिए गए हैं, जो स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की प्रतियोगिताओं के लिए अपनाए गए प्रावधानों के समान है। सरकार का यह निर्णय खिलाड़ियों के समग्र विकास के दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। 
इस वित्त वर्ष में बिलासपुर के लुहणू में 100 बिस्तरों की क्षमता वाला खेल छात्रावास निर्मित किया जाएगा। शिमला जिला के कुटासनी में राजीव गांधी बहुउद्देशीय स्टेडियम में अत्याधुनिक खेल अधोसंरचना का निर्माण और सोलन में इंडोर स्टेडियम के साथ-साथ रिकांगपिओ, हरोली और जयसिंहपुर में स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए हमीरपुर और सुजानपुर में सिंथेटिक टैªक और फील्ड सुविधा का निर्माण किया जाएगा। खिलाड़ियों के जीवन में प्रशिक्षण के साथ-साथ पोषणयुक्त आहार का भी महत्त्व रहता है। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने विभिन्न स्तरों की खेल प्रतिस्पर्धाओं के लिए खिलाड़ियों को दी जाने वाली डाइट मनी में उल्लेखनीय वृद्धि की है। प्रारम्भिक शिक्षा स्तर के खिलाड़ियों को प्रदेश में होने वाली प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने पर 250 रुपये प्रतिदिन और अन्य सभी खिलाड़ियों को 400 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी के रूप में दिए जा रहे हैं। प्रदेश से बाहर आयोजित होने वाली प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 500 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी दी जा रही है। 
खेल छात्रावासों में रहने वाले खिलाड़ियों को 250 रुपये और प्रदेश के बाहर 400 रुपये डाइट मनी का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार ने 421 खिलाड़ियों को डाइट मनी के रूप में 76.98 लाख रुपये वितरित किए हैं। खिलाड़ियों को यात्रा सुविधा का भी लाभ दिया जा रहा है। राज्य के बाहर 200 किलोमीटर की दूरी तक खेल स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को एसी-3 टीयर किराया और इससे अधिक दूरी के स्थानों पर जाने के लिए इकोनोमिक क्लास फेयर दिया जा रहा है। प्रदेश के 235 खिलाड़ियों को 6,01,250 रुपये यात्रा सुविधा के रूप में प्रदान किए जा चुके हैं। हिमाचल के खिलाड़ी अन्तरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने अन्तरराष्ट्रीय खेल विजेताओं की सम्मान राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक तथा पैरालंपिक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये की गई है। 
रजत पदक विजेताओं को अब 2 करोड़ रुपये के स्थान पर 3 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये के स्थान पर 2 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। एशियाई खेलों तथा पैरा एशियाई खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि में वृद्धि करते हुए इसे 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये किया गया है, जबकि रजत पदक विजेताओं को 30 लाख रुपये के स्थान पर 2.50 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं को 20 लाख रुपये के स्थान पर  1.50 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को तीन करोड़, रजत पदक विजेताओं को दो करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जा रही है। 
प्रदेश के 21 अन्तरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को बढ़ी हुई पुरस्कार राशि के साथ 14.77 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया है। अन्य उत्कृष्ट खिलाड़ियों को लगभग 44 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है। हिमाचल में खेलों में समावेशिता को सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश में विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं के माध्यम से हर स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और सरकार की तरफ से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल के खेल सितारे पदक तालिका में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

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