गुरु पूर्णिमा पर उमड़ी आस्था: 22 गांवों की 1500 सेवगटी ने महासू महाराज को भेंट किए चांदी के दो देव चिन्ह ‘डोरिया’
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पश्मी स्थित महासू महाराज के दरबार में श्रद्धा, आस्था और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। 22 गांवों की लगभग 1500 धियांटियों (सेवगटी) ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक उत्साह के साथ मंदिर पहुंचकर महासू महाराज के चरणों में शीश नवाया।
यंगवार्ता न्यूज - पश्मी 30 जुलाई, 2026 :
इस अवसर पर धियांटियों ने चालदा महासू महाराज और बोठा महासू महाराज को श्रद्धापूर्वक लगभग एक-एक किलो वजनी चांदी के दो देव चिन्ह ‘डोरिया’ भेंट किए। इस विशेष भेंट ने समारोह को और भी ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण बना दिया।
पारंपरिक परिधानों से सुसज्जित धियांटियां धार्मिक गीतों, भजन और जयकारों के साथ मंदिर पहुंचीं। पूरे मंदिर परिसर में "महासू महाराज की जय" के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। महिलाओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
इस भव्य धार्मिक आयोजन में महिलाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता ने न केवल महासू महाराज के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा को दर्शाया, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता का भी प्रेरणादायक संदेश दिया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उमड़ा यह जनसैलाब श्रद्धा, विश्वास और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बन गया।
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