सीएम सुक्खू ने किया ईलर्जली भवन चरण-II का उद्घाटन, बोले- 20 करोड़ की लागत से बना ये जनता का कार्यालय
सुखविन्द्र सिंह सुक्खू* ने आज हिमाचल प्रदेश सचिवालय स्थित ईलर्जली भवन चरण-दो का उद्घाटन किया। इस भवन में मुख्यमंत्री का कार्यालय और मुख्य सचिव का कार्यालय* बनाया गया है। साथ ही भवन में निर्माण कार्य अभी जारी है, जिसमें मंत्रियों के कार्यालय बनाए जाएंगे।उद्घाटन के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री जगत सिंह नेगी और अनिरुद्ध सिंह मौजूद रहे।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 21 सितंबर :
सुखविन्द्र सिंह सुक्खू* ने आज हिमाचल प्रदेश सचिवालय स्थित ईलर्जली भवन चरण-दो का उद्घाटन किया। इस भवन में मुख्यमंत्री का कार्यालय और मुख्य सचिव का कार्यालय* बनाया गया है। साथ ही भवन में निर्माण कार्य अभी जारी है, जिसमें मंत्रियों के कार्यालय बनाए जाएंगे।उद्घाटन के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री जगत सिंह नेगी और अनिरुद्ध सिंह मौजूद रहे।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह प्रदेश के लोगों का संस्थान है, जहां से मुख्यमंत्री जनहित के फैसले लेंगे। इस भवन में अभी 15 कमरे बनकर तैयार हुए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव का कार्यालय स्थापित किया गया है।भवन 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन के निर्माण से अब प्रदेश के लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने में सुविधा होगी। साथ ही ट्रैफिक की समस्या से भी राहत मिलेगी। पहले जब मुख्यमंत्री अपने पुराने कार्यालय पहुंचते थे तो ट्रैफिक रोका जाता था, लेकिन अब नए भवन से लोगों को असुविधा नहीं होगी और उनकी समस्याओं को भी मुख्यमंत्री ध्यान से सुन पाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले वाला कार्यालय छोटा था, जिस कारण लोगों को दिक्कत होती थी।
विपक्ष के फिजूलखर्ची के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कोई फिजूलखर्ची नहीं की है। यह कार्यालय किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री पद का है। जो भी मुख्यमंत्री चुना जाएगा, वह इसी कार्यालय में बैठेगा। अगर 15-20 साल बाद भाजपा भी सत्ता में आती है तो उसके मुख्यमंत्री भी इसी भवन में बैठेंगे। ऐसे में भाजपा बेबुनियाद आरोप लगा रही है।
वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा और मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर* द्वारा किशाऊ बांध को लेकर दी जा रही टिप्पणियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की जयराम सरकार ने किशाऊ बांध के समझौते के जरिए हिमाचल के संसाधनों को बेचने का काम किया था, जिसे सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध के मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया गया और बिना किसी शर्त के एमओयू साइन किया गया है। इससे हिमाचल प्रदेश को आने वाले समय में 1200 से 1500 करोड़ रुपये का वार्षिक लाभ मिलेगा, क्योंकि 5 साल में प्रोजेक्ट बनकर तैयार हो जाएगा। भाजपा शासित राज्यों को इसमें नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन हिमाचल सरकार ने प्रदेश हितों से समझौता नहीं किया। भाजपा सरकार के समय जयराम ठाकुर ने उत्तराखंड की तर्ज पर समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे हिमाचल को करोड़ों का नुकसान होता, लेकिन कांग्रेस सरकार ने लड़ाई लड़कर किशाऊ बांध में जीत हासिल की।
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