प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, ठियोग में प्रथम जिला स्तरीय सेंसिटाइजेशन कार्यशाला आयोजित

प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (Govt. ITI), ठियोग, जिला शिमला में आज RAMP योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र (HPCED), उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से तथा द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी, पांवटा साहिब द्वारा प्रथम जिला स्तरीय सेंसिटाइजेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया।

Sep 17, 2026 - 23:40
 0  21
प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, ठियोग में प्रथम जिला स्तरीय सेंसिटाइजेशन कार्यशाला आयोजित

यंगवार्ता न्यूज - ठियोग, 17  सितंबर 2026:

प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (Govt. ITI), ठियोग, जिला शिमला में आज RAMP योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र (HPCED), उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से तथा द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी, पांवटा साहिब द्वारा प्रथम जिला स्तरीय सेंसिटाइजेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं एवं विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वरोजगार, स्टार्टअप तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के अवसरों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर प्रतिभागियों को बताया गया कि बदलते आर्थिक परिवेश में स्वरोजगार और उद्यमिता युवाओं के लिए रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने का भी प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र के माध्यम से युवाओं को व्यवसायिक एवं तकनीकी कौशल के साथ आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं हैंडहोल्डिंग सपोर्ट प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (Govt. ITI), ठियोग के विद्यार्थियों एवं स्टाफ सहित लगभग 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सीनियर इंस्ट्रक्टर श्रीमती अनीता कुमारी, इंस्ट्रक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री राम लाल, इंस्ट्रक्टर श्री मीन चंद, द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी के सहायक प्रबंधक श्री हर्ष कुमार तथा सेक्रेटरी श्री मामराज शर्मा सहित संबंधित स्टाफ एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

कार्यशाला के दौरान वक्ताओं द्वारा प्रतिभागियों को उद्यम शुरू करने की प्रक्रिया, स्वरोजगार के अवसर, स्थानीय संसाधनों के उपयोग, व्यवसायिक विचारों के विकास तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं उपलब्ध सहयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। 
कार्यशाला का समापन युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, रोजगार सृजित करने, स्थानीय संसाधनों का उपयोग करने तथा नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित करने के संदेश के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं युवाओं में उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने, उनके व्यावसायिक विचारों को दिशा देने और उन्हें उपलब्ध संस्थागत सहयोग से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

src="https://sgp1.digitaloceanspaces.com/cdn.iqwing.co.in/uploads/Deeserve%20Media%202.2_.jpg" width="500" height="900" alt="Deeserve Media Poster" loading="lazy" />
src="https://sgp1.digitaloceanspaces.com/cdn.iqwing.co.in/uploads/Deeserve%20Media%202.2_.jpg" width="340" height="600" alt="Deeserve Media Poster" loading="lazy" />