हिमाचल हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान अब झारखंड हाई कोर्ट के होंगे मुख्य न्यायाधीश  

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान अब झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की शिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान दो बार हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक न्यायाधीश रह चुके

Jul 15, 2025 - 13:11
Jul 15, 2025 - 13:12
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हिमाचल हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान अब झारखंड हाई कोर्ट के होंगे मुख्य न्यायाधीश  
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     15-07-2025

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान अब झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की शिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान दो बार हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक न्यायाधीश रह चुके हैं। 

नौ जनवरी, 1964 को रोहड़ू में जन्मे न्यायाधीश चौहान की बिशप कॉटन स्कूल शिमला से प्रारंभिक शिक्षा पूरी हुई। डीएवी कालेज चंडीगढ़ से ऑनर्स के साथ स्नातक व पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से कानून की डिग्री प्राप्त करने के बाद वर्ष 1989 में वकील बने व लाला छबील दास वरिष्ठ अधिवक्ता के प्रख्यात चैंबर में शामिल हुए। 

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में वकालत शुरू करते हुए कानून की सभी क्षेत्रों में महारत हासिल की। वह 23 फरवरी, 2014 को हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बनने के बाद 30 नवंबर, 2014 को हाई कोर्ट के स्थाई न्यायाधीश बनाए गए।

वह हाई कोर्ट से ऐसे पहले न्यायाधीश है, जिन्होंने विदेशों में आयोजित कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया है। वह 12 नवंबर 2016 से गवर्निंग काउंसिल के और हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, शिमला की कार्यकारी परिषद के सदस्य के रहे । वह 18 नवंबर, 2018 से 13 मार्च, 2020 तक न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष रहे। 

हाई कोर्ट में कम्प्यूटर और ई-कोर्ट कमेटी के प्रमुख होने के कारण उन्हेांने हाई कोर्ट के साथ साथ अधीनस्थ न्यायालयों में कम्प्यूटरीकरण ने नई ऊंचाइयों को बढ़ाया। अब इन मामलों की जानकारी प्राप्त करने के अलावा अधिवक्ता / वादकर्ता विभिन्न अन्य सेवाओं तक भी पहुंच बना सकते हैं। 

प्रमाणित प्रति के लिए ऑनलाइन आवेदन करना, न्यायालय शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना, कारण-सूची का उपयोग, ई-फाइल ए केस (आईटीआर), केवल ई-गेट पास के लिए आवेदन करना जैसी सुविधा अब संभव हो गई है।

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