अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले में कवियों रचनाओं ने बांधा समां , डीएलओ कांता नेगी ने किया कवि सम्मेलन का शुभारम्भ 

अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला में कवियों का बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें जिला सिरमौर के तीन दर्जन कवियों ने भाग लिया। कवि सम्मेलन का शुभारम्भ जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी के द्वारा किया गया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि दीपचंद कौशल ने की। मंच का संचालन वरिष्ठ कवि ड़ॉ ईश्वर दास राही के द्वारा किया गया। 

Nov 4, 2025 - 19:51
Nov 4, 2025 - 20:10
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अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले में कवियों रचनाओं ने बांधा समां , डीएलओ कांता नेगी ने किया कवि सम्मेलन का शुभारम्भ 
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - श्रीरेणुकाजी  04-11-2025
अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला में कवियों का बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें जिला सिरमौर के तीन दर्जन कवियों ने भाग लिया। कवि सम्मेलन का शुभारम्भ जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी के द्वारा किया गया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि दीपचंद कौशल ने की। मंच का संचालन वरिष्ठ कवि ड़ॉ ईश्वर दास राही के द्वारा किया गया। 
कार्यक्रम की शुरुआत रविता ने गुरु वंदना से की। शबनम शर्मा ने अपनी कविता शब्दों की चोट मन का खोट, विनोद कुमार सैनी ने शायरी तुम खुश होते , सरला गौतम ने कट गए जंगल सारे , गोविंद गौरव ने बीहड़ में कभी खुद को छोड़ना पड़ता है , अर्चना शर्मा ने अश्कों के बोझ की ये कहानी हुई ,जिंदगी हर घड़ी पानी पानी हुई , डॉ शबाना सैय्यद ने पांव की पायल , दीप राज विश्वास ने देखता हूं मजहबों की बंदिशें जब चार सू , इश्क है सबसे बड़ा मजहब समझता हूं मैं ने खूब तालियां बटोरी। 
प्रताप पराशर ने प्रधानी को आएगो खेल ,  मुफ्त देदी आटो तेल , नरेंद्र छींटा ने को भी जिऊं मेरा इरू सोचो , सुरेंद्र कुमार सूर्य ने केशे गिए देशों रे नौजवान , नशा कोरी कोरी गंवाई लोई जान , मीनाक्षी वर्मा की नदी और नारी , दीपचंद कौशल ने है रेणुका धरती तुझे शत शत प्रणाम, योगेंद्र अग्रवाल ने की कुछ नेकी कमाले , साधना शर्मा  ने वाह रेणुका , शाबाश रेणुका, दीपक जोशी  ने सरकारी कार्यालय, जावेद उल्फत ने लोग नक्शों को लड़ते रहते हैं , मुल्क सड़कों पे भूखा सोता है ने वाहवाही लूटी। 
लायक राम भारद्वाज  ने आधुनिक व्यंग्य , नासिर यूसुफजई रेशमी रंग रूठ जाते हैं , वक्त जब खुरदुरा सा रहता है , प्रेमपाल आर्य ने आज काले री बात , जितेंद्र ठाकुर ने चल कहीं दूर निकल जाएं, डॉ ईश्वर दास राही ने आई चेहि मेले के तू मेरी बाठणे , अनुज कुमार ने बोबा गांव घुमदा थिया हागड़ी, अनमोल रतन, आत्मा राम शर्मा , रणदीप शर्मा ने अपनी कविताएं पढ़ी। डॉ आई डी राही जी ने भाषा विभाग की ओर से सभी श्रोताओं और साहित्यकारों का धन्यवाद किया और कार्यक्रम का समापन किया ।

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