आंकड़ों का मायाजाल और जनविरोधी है कांग्रेस सरकार का बजट : भाजपा

शिमला जिला भाजपा प्रवक्ता जितेन्द्र भोटका, पूर्व सक्षम गुडिया बोर्ड की उपाध्यक्षा रूपा शर्मा, शशांक अत्री सहित अनेक भाजपा पदाधिकारियों ने प्रदेश के सीएम  द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को कड़े शब्दों में नकारते हुए इसे पूरी तरह जनविरोधी, दिशाहीन और आर्थिक विफलता का प्रतीक बताया है। यह बजट केवल आंकड़ों का मायाजाल है। भोटका और रूपा शर्मा ने  कहा कि यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में कम है, जो प्रदेश की सिकुड़ती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। सरकार की वित्तीय स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि कर्मचारियों का वेतन तक स्थगित करना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। 

Mar 22, 2026 - 19:25
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आंकड़ों का मायाजाल और जनविरोधी है कांग्रेस सरकार का बजट : भाजपा
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 यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  22-03-2026
शिमला जिला भाजपा प्रवक्ता जितेन्द्र भोटका, पूर्व सक्षम गुडिया बोर्ड की उपाध्यक्षा रूपा शर्मा, शशांक अत्री सहित अनेक भाजपा पदाधिकारियों ने प्रदेश के सीएम  द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को कड़े शब्दों में नकारते हुए इसे पूरी तरह जनविरोधी, दिशाहीन और आर्थिक विफलता का प्रतीक बताया है। यह बजट केवल आंकड़ों का मायाजाल है। भोटका और रूपा शर्मा ने  कहा कि यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में कम है, जो प्रदेश की सिकुड़ती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। सरकार की वित्तीय स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि कर्मचारियों का वेतन तक स्थगित करना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। 
उन्होने कहा कि सरकार द्वारा बार-बार दी जा रही  गारंटियां केवल कागजों तक सीमित हैं और तीन वर्षों में एक भी प्रमुख वादा पूरा नहीं हुआ है। यह प्रदेश की जनता के साथ सीधा विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी और अन्य  योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है। घोषणाएं तो की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस राहत नहीं दिखाई दे रही है। उन्होने कहा कि प्रदेश को लगातार कर्ज के बोझ तले दबाया जा रहा है और सरकार के पास कोई स्पष्ट आर्थिक रोडमैप नहीं है। विकास के नाम पर केवल प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तीय अनुशासन के नाम पर कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन रोकना सरकार की नीतिगत असफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। 
जनता से त्याग की अपेक्षा करने वाली सरकार खुद अपनी जवाबदेही से बच रही है। महिलाओं और युवाओं को लेकर किए गए वादों पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता और रोजगार के नाम पर केवल घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि वास्तविक लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास का नहीं, बल्कि कर्ज, कटौती और करों का बजट है, जो प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला है। यह बजट हिमाचल की जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने में विफल रहा है जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति और बद से बदतर होगी।

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