हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में एबीवीपी का उग्र प्रदर्शन
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा परिसर में अपनी मांगों को लेकर एक धरना-प्रदर्शन किया गया. यह प्रदर्शन मुख्य रूप से प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 के कड़े विरोध और विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में व्याप्त बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 9 सितंबर :
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा परिसर में अपनी मांगों को लेकर एक धरना-प्रदर्शन किया गया. यह प्रदर्शन मुख्य रूप से प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 के कड़े विरोध और विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में व्याप्त बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया।
विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया और सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।
संशोधन विधेयक 2026 उच्च शिक्षा को बर्बाद करने की साजिश: ABVP
धरने को संबोधित करते हुए एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार हिमाचल प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026 के माध्यम से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को पूरी तरह से खत्म करना चाहती है। सरकार इस स्वायत्त संस्थान को एक सरकारी विभाग की तरह संचालित करने का प्रयास कर रही है, जिसे विद्यार्थी परिषद किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस काले कानून के लागू होने से विश्वविद्यालय की अकादमिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक निर्णय लेने की क्षमता पर गहरा आघात लगेगा, जिससे अंततः छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा. एबीवीपी ने मांग की कि इस छात्र-विरोधी और शिक्षा-विरोधी विधेयक को तुरंत वापस लिया जाए।
I-TEP पाठ्यक्रम के छात्रों के साथ हो रहा है खिलवाड़ को प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थी परिषद ने विशेष रूप से I-TEP (इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम) पाठ्यक्रम के छात्रों की दयनीय स्थिति का मुद्दा उठाया। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना उचित बुनियादी ढांचे के इस महत्वपूर्ण कोर्स को शुरू तो कर दिया, लेकिन आज इसके छात्र अपनी बुनियादी आवश्यकताओं के लिए तरस रहे हैं। एबीवीपी ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख माँगें रखीं।
I-TEP पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए स्थाई शिक्षक और स्थाई संकाय (Faculty) की तुरंत नियुक्ति की जाए। इन छात्रों की पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्थाई कक्षाओं (Classrooms) का निर्माण किया जाए।दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले I-TEP के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष छात्रावास (Hostel) की सुविधा सुनिश्चित की जाए। UILS, UCBS और UIT के छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा की मांग की गई है, विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले अन्य व्यावसायिक और तकनीकी संस्थानों जैसे UILS (यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज), UCBS (यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर बिजनेस स्टडीज) और UIT (यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के छात्रों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। एबीवीपी के नेताओं ने कहा कि इन विभागों में पढ़ने वाले छात्रों से भारी-भरकम फीस वसूली जाती है, लेकिन इसके बावजूद इन्हें छात्रावास (Hostel) की सुविधा प्रदान नहीं की जा रही है। बाहरी जिलों से आने वाले छात्रों को शिमला जैसे महंगे शहर में भारी किराया देकर निजी कमरों में रहना पड़ रहा है, जिससे उन पर और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। एबीवीपी ने मांग की कि इन सभी व्यावसायिक विभागों के छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर हॉस्टल आवंटित किए जाएं।
मांगें पूरी न होने पर होगा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 को वापस नहीं लिया गया और I-TEP, UILS, UCBS व UIT के छात्रों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में परिषद अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी।
What's Your Reaction?

