नशा तस्करों पर शिमला पुलिस का बड़ा शिकंजा, 1.13 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त, दो मामलों में 53 लाख और 60 लाख की कार्रवाई
शिमला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ते हुए सप्लाई और डिमांड दोनों नेटवर्क पर एक साथ कड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। जिला शिमला पुलिस के एएसपी मुख्यालय अभिषेक ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 134 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश मामले इंटरमीडिएट और कमर्शियल क्वांटिटी से जुड़े हैं। इन मामलों में 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
शिमला 27 मई, 2026 :
शिमला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ते हुए सप्लाई और डिमांड दोनों नेटवर्क पर एक साथ कड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। जिला शिमला पुलिस के एएसपी मुख्यालय अभिषेक ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 134 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश मामले इंटरमीडिएट और कमर्शियल क्वांटिटी से जुड़े हैं। इन मामलों में 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जिला शिमला पुलिस के एएसपी मुख्यालय अभिषेक ने बताया कि पुलिस ने नशे की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए बैकवर्ड लिंकेज पर भी सख्त कार्रवाई करते हुए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, भारत-नेपाल बॉर्डर, केरल समेत बाहरी राज्यों से 42 आरोपियों को अपनी विशेष टीमों के माध्यम से गिरफ्तार किया है। शिमला पुलिस ने नशा तस्करों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में भी बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 1 करोड़ 13 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 और 2025 में संपत्ति जब्ती की ऐसी कार्रवाई नहीं हुई थी।
इसी कड़ी में थाना कुमारसैन के मुकदमा नंबर 27/2026 में वित्तीय जांच के बाद करीब 53 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है। इस मामले में 10 अप्रैल 2026 को नेपाल निवासी ऐन बहादुर, चक्र बहादुर और मोहन शाही के कब्जे से 9.028 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर धारा 18, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की जांच के दौरान 12 अप्रैल 2026 को बैकवर्ड लिंकेज में कार्रवाई करते हुए कंडाघाट स्थित लक्ष्मी टी स्टॉल से 2.039 किलोग्राम अफीम बरामद हुई। इसके बाद महिला आरोपी लक्ष्मी को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में चारों आरोपी सब जेल कैथू, शिमला में न्यायिक हिरासत में हैं।
वित्तीय जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ऐन बहादुर उर्फ राजू और लक्ष्मी लंबे समय से कंडाघाट, नारकंडा सहित विभिन्न इलाकों में युवाओं, ग्राहकों और तस्करों को अफीम की सप्लाई कर रहे थे। जांच में पाया गया कि ऐन बहादुर ने नशा कारोबार से अर्जित धन से Innova और Urban Cruiser गाड़ियां खरीदीं, जबकि उसके पास से 12 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए। वहीं आरोपी लक्ष्मी ने अवैध कमाई से Royal Enfield बाइक खरीदी तथा उसके बैंक खातों में 5 लाख रुपये जमा पाए गए। दोनों आरोपियों की कुल 53 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी गई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लक्ष्मी के खिलाफ कंडाघाट थाना में वर्ष 2016 का भांग तस्करी का मामला भी दर्ज है, जो अभी अदालत में विचाराधीन है।
दूसरी ओर, थाना कोटखाई के पुराने एनडीपीएस मामलों में आरोपी आर्यन (20) के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई है। वर्ष 2023 और 2025 के मामलों में संलिप्त पाए गए आर्यन को वर्ष 2026 में PIT NDPS के तहत निरुद्ध किया गया था। पुलिस ने उसकी करीब 60 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है। जांच में पाया गया कि आर्यन लगातार चिट्टा/हेरोइन तस्करी में शामिल था। उसके खिलाफ बैंक लेनदेन, सीडीआर, सोर्स रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। 15 मई 2025 को उसे सह आरोपी लवली के साथ 4.82 ग्राम चिट्टा/हेरोइन सहित पकड़ा गया था, जबकि 1 मई 2023 को भी वह 1.15 ग्राम चिट्टा/हेरोइन के साथ गिरफ्तार हुआ था।
पुलिस की वित्तीय जांच में खुलासा हुआ कि आर्यन के बैंक खाते में वर्ष 2024 में 23 लाख और 2025 में 25 लाख रुपये का लेनदेन हुआ, जबकि उसके पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने नशे के कारोबार से कमाई कर अपने नाम एक स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी और दो मंजिला मकान बनवाया।
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