डिजिटल फर्जीवाड़ा, फर्जी आईडी बनाकर अब तक 40 से अधिक बाहरी राज्यों के वाहनों के पंजीकरण का खुलासा
आरएलए सोलन में वाहनों के पंजीकरण को लेकर बड़ा डिजिटल फर्जीवाड़ा सामने आया है। वाहन पोर्टल पर फर्जी आईडी बनाकर अब तक 40 से अधिक बाहरी राज्यों के वाहनों का सोलन के फर्जी पते पर पंजीकरण किए जाने का खुलासा हु
यंगवार्ता न्यूज़ - सोलन 08-02-2026
आरएलए सोलन में वाहनों के पंजीकरण को लेकर बड़ा डिजिटल फर्जीवाड़ा सामने आया है। वाहन पोर्टल पर फर्जी आईडी बनाकर अब तक 40 से अधिक बाहरी राज्यों के वाहनों का सोलन के फर्जी पते पर पंजीकरण किए जाने का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं और आशंका है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।
जानकारी के अनुसार 29 अक्तूबर, 2025 को आरएलए सोलन के वाहन पोर्टल की दो फर्जी आईडी बनाई गईं। इन्हीं आईडी के माध्यम से अढ़ाई महीने के भीतर 40 वाहनों का पंजीकरण कर दिया गया। इनमें कॉमर्शियल, टैक्सी और निजी वाहन शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि बाहरी राज्यों के इन वाहनों का बिना एमवीआई की अनिवार्य फिजिकल वेरिफिकेशन के पंजीकरण कर नया नंबर भी जारी कर दिया गया।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब उत्तर प्रदेश के तीन ट्रालों का पंजीकरण सोलन के शामती पते पर किया गया और बाद में उन्हें आरएलए झंडूता ट्रांसफर कर दिया गया। इन वाहनों की भार सीमा में भी नियमों के विरुद्ध बदलाव किए जाने की बात सामने आई है।
पते में केवल शामती लिखा होना और स्थानीय जानकारी का इस्तेमाल होना किसी बड़े संगठित गिरोह और संभावित अंदरूनी मिलीभगत की ओर इशारा करता है। एसडीएम सोलन ने पूरी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है।
परिवहन विभाग ने एनआईसी दिल्ली से पोर्टल का रिकॉर्ड तलब किया है, क्योंकि पोर्टल का निर्माण और निगरानी वहीं से होती है। डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने पुष्टि की है कि मामले की जांच जारी है और फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। जांच आगे बढऩे पर इस डिजिटल घोटाले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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