हाईकोर्ट ने छात्रा को मेरिट सूची में शामिल नहीं करने पर स्कूल शिक्षा बोर्ड को 25 हजार का लगाया हर्जाना

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को छात्रा यशस्विनी अग्रवाल को दसवीं की मेरिट लिस्ट में शामिल करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने बोर्ड पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए इस राशि को चार सप्ताह के भीतर छात्रा को देने के निर्देश

Aug 1, 2025 - 11:26
Aug 1, 2025 - 11:35
 0  53
हाईकोर्ट ने छात्रा को मेरिट सूची में शामिल नहीं करने पर स्कूल शिक्षा बोर्ड को 25 हजार का लगाया हर्जाना
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     01-08-2025

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को छात्रा यशस्विनी अग्रवाल को दसवीं की मेरिट लिस्ट में शामिल करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने बोर्ड पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए इस राशि को चार सप्ताह के भीतर छात्रा को देने के निर्देश दिए हैं। 

कोर्ट ने बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह छात्रा का नाम तुरंत मेरिट लिस्ट में शामिल करें और उसे छात्रवृत्ति सहित सभी लाभ प्रदान करें। अदालत ने कहा कि छात्रा को उसकी योग्यता का सम्मान देने के बजाय उसे न्याय के लिए कोर्ट आने पर मजबूर किया, जो बेहद निंदनीय है। छात्रा को बोर्ड की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा।

उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता ददाहू (सिरमौर) अदालत से की छात्रा ने मार्च 2024 में दसवीं की परीक्षा दी थी। शुरुआती परिणामों में उसे 700 में से 686 अंक मिले। अपने अंकों से असंतुष्ट होकर उसने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। इसके बाद उसके अंक बढ़कर 693 हो गए। इन बड़े हुए अंकों के साथ वह शीर्ष 10 मेधावी छात्रों में शामिल हो गईं। 

हालांकि, बोर्ड ने उसे मेरिट सर्टिफिकेट जारी करने से इन्कार कर दिया। बोर्ड का तर्क था की छात्रा के दस्तावेज 30 अगस्त 2024 की अंतिम तिथि के बाद 9 सितंबर 2024 को जमा किए गए थे। बोर्ड ने इसके लिए स्कूल मुख्याध्यापक को जिम्मेदार ठहराया था।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow