यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी 28-10-2026
किसानों की आय बढ़ाने तथा उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से JICA प्रोजेक्ट के अंतर्गत BPMU गोहर द्वारा SHEP (Smallholder Horticulture Empowerment and Promotion) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देओली से डेलाग टिक्करी तक के 30 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को आधुनिक कृषि एवं बागवानी तकनीकों, बाजार सर्वेक्षण और बेहतर फसल प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में DPMU मंडी से डॉ. खूब राम (SMS), BPMU गोहर के अधिकारी एवं कर्मचारी, उद्यान विभाग से HEO, कृषि विभाग से ATM एवं BTM तथा डॉ. ऑर्चर्ड के हितधारकों ने भाग लिया।
विशेषज्ञों ने किसानों को SHEP कार्यक्रम की अवधारणा, इसकी प्रमुख गतिविधियों तथा बाजारोन्मुख खेती के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए किसानों को उत्पादन के साथ-साथ बाजार की मांग और उपज के उचित मूल्य की जानकारी होना भी आवश्यक है। कार्यक्रम के अंतर्गत APMC डडौर और SMY चैलचौक में मार्केट सर्वे करवाया गया। इस दौरान किसानों को कृषि उपज मंडियों की कार्यप्रणाली, विभिन्न सब्जियों की मांग, उपलब्धता और बाजार में उनकी कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को समझाया गया कि बाजार की मांग और मूल्य की जानकारी के आधार पर फसलों का चयन तथा उत्पादन की योजना बनाकर बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य किसानों को बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
प्रशिक्षण के व्यावहारिक पक्ष को मजबूत करने के लिए किसानों को FIS कांसा खड्ड प्लाहोटा का भ्रमण करवाया गया। यहां किसानों को पॉलीहाउस में उगाई जाने वाली फसलों की देखभाल, फसल प्रबंधन और आधुनिक खेती की तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही खेतों में मल्चिंग शीट के उपयोग, मिट्टी में नमी बनाए रखने, खरपतवार नियंत्रण तथा फसलों की बेहतर वृद्धि में इसकी भूमिका के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। SHEP कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को यह संदेश दिया गया कि सफल एवं लाभकारी खेती के लिए केवल अधिक उत्पादन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बाजार की मांग, उपभोक्ताओं की पसंद और फसलों के उचित मूल्य की जानकारी होना भी जरूरी है।
बाजार सर्वेक्षण और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को बेहतर फसल चयन, आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। BPMU गोहर द्वारा JICA प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम किसानों को आधुनिक एवं बाजारोन्मुख खेती से जोड़ने, उनकी बाजार संबंधी समझ विकसित करने तथा कृषि एवं बागवानी के माध्यम से आय बढ़ाने के अवसरों से अवगत कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।