यंगवार्ता न्यूज़ - पांवटा साहिब 28-10-2026
करवा चौथ का पर्व जहां पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है, वहीं पारस पब्लिक हाई स्कूल, कोलर ने इस पर्व को सामाजिक सेवा से जोड़कर एक अनूठी पहल की। विद्यालय परिसर में करवा चौथ का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यालय परिवार और कोलर क्षेत्र की महिलाओं ने मिलकर सेवा और संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसने पर्व की खुशियों को समाज के जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षिकाओं , कोलर क्षेत्र से पहुंची महिलाओं और अन्य अतिथियों के हाथों पर निःशुल्क मेहंदी लगाई। बच्चों की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को पर्व के अवसर पर विशेष सम्मान देना और उन्हें घर से बाहर जाए बिना मेहंदी लगवाने की सुविधा उपलब्ध करवाना था।
विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और लगन के साथ इस गतिविधि में भाग लिया। मेहंदी से सजे हाथों और उत्साहपूर्ण माहौल ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज वर्मा ने कहा कि नारी शक्ति समाज की सुदृढ़ नींव है। महिलाओं का त्याग, समर्पण और परिवार व समाज के प्रति योगदान अतुलनीय है। करवा चौथ जैसे पर्व महिलाओं के सम्मान और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को मानवीय मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना से जोड़ना भी आवश्यक है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में दूसरों की सहायता करने, बुजुर्गों का सम्मान करने और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने की भावना विकसित होती है। विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी ग्रहण करें और भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनें। इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और सराहनीय पक्ष इसका सामाजिक सेवा से जुड़ा उद्देश्य रहा। आमतौर पर ऐसे आयोजनों में बच्चों को शगुन के रूप में राशि दी जाती है, लेकिन पारस पब्लिक हाई स्कूल ने इस परंपरा को एक सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया।
आयोजन के दौरान महिलाओं और अतिथियों से अनुरोध किया गया कि वे विद्यार्थियों को शगुन के रूप में पैसे देने के बजाय अपनी इच्छा अनुसार राशि चैरिटी बॉक्स में दान करें। इस पहल का उद्देश्य एकत्रित धनराशि को पांवटा साहिब स्थित वृद्धाश्रम के बुजुर्गों की सेवा और भलाई के लिए समर्पित करना है। इस कदम के माध्यम से विद्यालय ने बच्चों को यह संदेश दिया कि त्योहारों की वास्तविक खुशी केवल स्वयं उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियां बांटने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने में भी है। वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता व्यक्त करने वाली यह पहल समाज में सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के समापन पर सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय प्रशासन की ओर से विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए विद्यालय ने यह संदेश दिया कि समाजहित में किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। पारस पब्लिक हाई स्कूल कोलर की इस पहल ने करवा चौथ के पारंपरिक उत्सव को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ते हुए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। विद्यालय परिवार और स्थानीय महिलाओं के संयुक्त प्रयास से यह संदेश सामने आया कि यदि त्योहारों को सेवा और सहयोग की भावना के साथ मनाया जाए, तो उनकी खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचाई जा सकती हैं। पारस पब्लिक हाई स्कूल, कोलर की यह पहल न केवल विद्यार्थियों में सेवा संस्कार विकसित करने का प्रयास है, बल्कि समाज को बुजुर्गों के सम्मान, नारी शक्ति के आदर और जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करने वाला कदम भी है।