भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचारियों को दे रही इनाम : बिक्रम ठाकुर

पेखूवेला सोलर पावर प्रोजेक्ट में हुए करोड़ों के घोटाले और इससे जुड़े ईमानदार अधिकारी विमल नेगी की संदिग्ध मृत्यु के बाद जिस तरह से सरकार ने संवेदनहीनता दिखाई है , वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि सीधा संकेत है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार अब भ्रष्टाचारियों की संरक्षक बन चुकी है। पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इस पूरे प्रकरण को मार्च में विधानसभा में सबसे पहले उजागर किया था

Jul 24, 2025 - 18:14
Jul 24, 2025 - 18:32
 0  30
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचारियों को दे रही इनाम : बिक्रम ठाकुर
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - धर्मशाला  24-07-2025

पेखूवेला सोलर पावर प्रोजेक्ट में हुए करोड़ों के घोटाले और इससे जुड़े ईमानदार अधिकारी विमल नेगी की संदिग्ध मृत्यु के बाद जिस तरह से सरकार ने संवेदनहीनता दिखाई है , वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि सीधा संकेत है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार अब भ्रष्टाचारियों की संरक्षक बन चुकी है। पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इस पूरे प्रकरण को मार्च में विधानसभा में सबसे पहले उजागर किया था, जब यह सामने आया कि 35 मेगावाट की क्षमता वाला गुजरात का सौर प्लांट ₹144 करोड़ में बना जबकि हिमाचल में 32 मेगावाट के पेखूवेला प्रोजेक्ट पर ₹220 करोड़ की भारी लागत दिखाई गई। ना केवल लागत बढ़ाई गई बल्कि टेंडर प्रक्रिया को भी नजरअंदाज कर नॉमिनेशन के आधार पर काम आवंटित किए गए। डीपीआर  को बार-बार संशोधित कर एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाया गया। 
उन्होंने इन्हीं सब अनियमितताओं को उजागर करते हुए मुख्य अभियंता विमल नेगी ने तत्कालीन एमडी और निदेशक स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायत की थीं। इसके बाद 18 मार्च को उनका शव गोविंद सागर झील से मिला। परिजनों ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा मानसिक उत्पीड़न के चलते उसकी जान गई। अब सवाल यह उठता है कि जिन अधिकारियों पर इस गंभीर प्रकरण में संलिप्तता के आरोप हैं। जैसे कि देशराज, उन्हें हाल ही में फिर से मुख्य अभियंता जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात कर देना क्या भ्रष्टाचार को इनाम देना नहीं है? हाईकोर्ट ने देशराज की अग्रिम जमानत खारिज की थी, जबकि सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने उनके खिलाफ कोई प्रभावी पैरवी तक नहीं की। यह साफ दर्शाता है कि सरकार की सहानुभूति पीड़ित परिवार के साथ नहीं बल्कि आरोपियों के साथ है। 
जब जांच की मांग उठी तो सरकार को यह कदम पहले ही उठाना चाहिए था, मगर कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही जांच को सीबीआई को सौंपा गया, जिससे सरकार की मंशा पर और भी सवाल खड़े हो गए। ठाकुर ने कहा कि इसी प्रकरण में एसपी शिमला की कार्यप्रणाली और जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठे थे, जिस पर भी उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की थी। लेकिन सरकार ने फिर से उन्हीं अफसरों को नियुक्त कर यह संदेश दे दिया कि अगर आप भ्रष्टाचार में पकड़े भी जाएं, तब भी आपको इनाम मिलेगा। आज विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने जो सवाल उठाए हैं, वे केवल एक परिवार का नहीं, पूरे प्रदेश का सवाल बन चुके हैं – क्या इस सरकार में ईमानदारी की कोई जगह नहीं बची है?

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow