महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : कुसुम कंडवाल 

राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान 'महिला आयोग आपके द्वार' के तीसरे दिन आज जनपद हरिद्वार के जिलाधिकारी सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में एक विशाल जनसुनवाई का आयोजन

Mar 11, 2026 - 19:51
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महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : कुसुम कंडवाल 
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महिला आयोग को कोई हल्के में न ले, निर्देशों पर लापरवाही हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई 

कागजी कार्रवाई नहीं, धरातल पर न्याय चाहिए; पीड़ित महिलाओं की फाइलों का प्राथमिकता से करें निस्तारण 

न्यूज़ एजेंसी -​हरिद्वार    11-03-2026

राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान 'महिला आयोग आपके द्वार' के तीसरे दिन आज जनपद हरिद्वार के जिलाधिकारी सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में एक विशाल जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोग की सदस्य विमला नैथानी और कमला जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। 

जनसुनवाई के दौरान कुल 18 फरियादियों ने अपनी समस्याओं को आयोग के सम्मुख रखा, जिनमें से कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि चार गंभीर प्रकरणों को आगामी कार्यवाही हेतु आयोग मुख्यालय देहरादून प्रेषित किया गया। इस दौरान निजी अस्पताल(मेट्रो हॉस्पिटल) हरिद्वार में कार्यरत दो महिला चिकित्सकों ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा पिछले एक वर्ष और नौ महीनों से उनका वेतन रोका गया है। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अस्पताल प्रबंधन समिति को कड़ा निर्देश जारी किया कि वे 16 मार्च को आयोग में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों और एक हफ्ते के भीतर दोनों महिला चिकित्सकों का बकाया वेतन, चेक के माध्यम से प्रदान करें।

​जनसुनवाई में अन्य गंभीर प्रकरण भी सामने आए, जिनमें एक महिला ने अपने पति के अतिरिक्त संबंधों और दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई। अध्यक्ष ने इस मामले में तत्काल जांच के आदेश देते हुए दोनों पक्षों को आयोग में तलब किया है। 

मनसा देवी मंदिर मार्ग पर दुकान हटाए जाने से प्रभावित निर्धन महिलाओं की आजीविका के प्रश्न पर अध्यक्ष ने नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन महिलाओं को जीवन यापन के लिए उचित स्थान पर दुकान उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त, आयोग द्वारा एक पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता भी उपलब्ध कराया गया और सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों पर नोडल अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।

​सुनवाई के दौरान अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने उपस्थित समस्त अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में हिदायत दी कि महिला आयोग के निर्देशों को कोई भी विभाग हल्के में न ले। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग आयोग द्वारा भेजे गए पत्रों पर समयबद्ध तरीके से जांच रिपोर्ट प्रेषित करें और यदि कोई महिला कर्मचारी अपने विभाग की आईसीसी (ICC) कमेटी की जांच से संतुष्ट नहीं है, तो उसकी पुनः निष्पक्ष जांच कराई जाए। 

​इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक वरीयता के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी एल.एन. मिश्रा, एसपी क्राइम निशा यादव, सदस्य सचिव महिला आयोग उर्वशी चौहान, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, परियोजना निदेशक नलनीत घिल्डियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी एन.के. हल्दियानी, पुलिस क्षेत्राधिकारी एस.पी. बलूनी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदोरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मवीर सिंह, विधि अधिकारी दयाराम सिंह और लेबर इंस्पेक्टर उपस्थित रहे। 

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