प्राथमिक शिक्षक संघ के आंदोलन के बीच सीएम सुक्खू,न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम गो बैक के नारों से गूंजा धरना स्थल
हिमाचल प्रदेश में 'न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम' की अधिसूचना को रद्द करने की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ (PTF) ने राज्य सरकार के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। कांगड़ा के बगलामुखी मंदिर से 11 जुलाई से शुरू हुई 15 दिवसीय 'प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा' के उपरांत रविवार को शिमला के चौड़ा मैदान में हजारों शिक्षकों ने महारैली निकालकर हुंकार भरी।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 26 जुलाई , 2026 :
हिमाचल प्रदेश में 'न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम' की अधिसूचना को रद्द करने की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ (PTF) ने राज्य सरकार के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। कांगड़ा के बगलामुखी मंदिर से 11 जुलाई से शुरू हुई 15 दिवसीय 'प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा' के उपरांत रविवार को शिमला के चौड़ा मैदान में हजारों शिक्षकों ने महारैली निकालकर हुंकार भरी।शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही लेकिन रविवार को मुख्यमंत्री दोपहर को धरना स्थल पर पहुंचे ।इस दौरान शिक्षकों ने जहां मुख्यमंत्री के स्वागत में नारे लगाए वही न्यू काम्प्लेक्स सिस्टम गो बैक के नारों से धरना स्थल गूंज उठा।मुख्यमंत्री ने भी इस मौके पर शिक्षकों को 5 सितंबर से पहले बैठक कर सभी मांगो को विचार कर उसे मानने का आश्वासन दिया।इसके साथ ही शिक्षक संघ ने आज शाम से ही क्रमिक अनशन शुरू करने का बड़ा ऐलान कर दिया है।उन्होंने मुख्यमंत्री का स्वागत किया वही साफ एलान कर दिया जब तक मांगे मानी नही जाती आंदोलन जारी रहेगा
इस अवसर पर चौड़ा मैदान में धरना स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चौड़ा मैदान में प्राथमिक शिक्षक संघ की रैली को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि वह हमेशा कर्मचारी हित, शिक्षक हित और हिमाचल प्रदेश की जनता के हित के लिए आए हैं। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि जेबीटी से टीजीटी की प्रमोशन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और जिला स्तर पर प्रमोशन से जुड़ी डीओ शक्तियों को पूरा किया जाएगा। क्लस्टर और न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम से जुड़ी चिंताओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस पर पूरी तरह गंभीर है और जरूरत पड़ने पर गाइडलाइंस में संशोधन या इन्हें वापस लेने के लिए शिक्षकों की कमेटी के साथ बैठकर बातचीत की जाएगी। इसके अलावा, शिक्षकों की सस्पेंशन और एफआईआर से जुड़ी इंक्वायरी को खत्म करवाने तथा 5 सितंबर से पहले शिक्षकों की एक विशेष बैठक आयोजित करने का भी भरोसा दिया। एलीमेंट्री और प्राइमरी को मिलाकर एक 'स्कूल एजुकेशन' विभाग और नया डायरेक्टरेट बनाने की बात कहते हुए उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट कम करने और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सीबीएसई की तर्ज पर शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है, जबकि पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत से बच्चों और शिक्षकों का पूरा सहयोग मिल रहा है।
अपने संबोधन में वित्तीय स्थिति का जिक्र करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद पिछली बीजेपी सरकार 10,000 करोड़ रुपए की लाइबिलिटी हम पर छोड़ गई है, और 1952 से मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को बंद कर दिया गया है जिससे हर साल मिलने वाले 8 से 10 हजार करोड़ रुपए प्रभावित हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने धरना स्थल पर मुख्यमंत्री के आगमन के लिए उनका हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं उपस्थित होकर प्राथमिक शिक्षकों और प्राथमिक शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों के दर्द को समझा है, जिससे उनकी माँगों के पूरा होने की उम्मीद जगी है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में यह भी कहा कि जब तक संघ के माँग पत्र पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका संघर्ष थमेगा नहीं। संघ की प्रमुख माँगों में न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को वापस लेना, प्राथमिक शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा, प्राथमिक व नर्सरी शिक्षकों के रिक्त पदों को भरना, जेबीटी (JBT) से टीजीटी (TGT) पदोन्नति देना और उच्च ग्रेड पे (Higher Grade Pay) का लाभ प्रदान करना शामिल है। रमेश शर्मा ने घोषणा की कि जब तक इन माँगों का तार्किक समाधान नहीं हो जाता, तब तक प्राथमिक शिक्षक संघ का यह आंदोलन गांधीवादी व शांतिपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित रहकर जारी रहेगा। इसके साथ ही, निदेशालय में शुरू किया गया अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन और अन्य शांतिप्रिय प्रदर्शन माँगों के पूरे होने तक लगातार जारी रहेंगे।
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