न्यूज़ एजेंसी - नई दिल्ली 08-08-2026
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक की साजिश परीक्षा से कई महीने पहले रची गई थी। नीट के एक्सपर्ट्स ने पेपर तैयार करने के दौरान ही सवाल याद कर लिए थे। सीबीआई ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल 94 पेज की चार्जशीट में यह दावा किया है। सीबीआई ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर खामियां सामने आने का दावा किया है।
94 पेज की चार्जशीट में एजेंसी ने कहा है कि एनटीए के गोपनीय सेक्शन में विशेषज्ञों की जांच और तलाशी की व्यवस्था नहीं थी। यहां तक कि इस सेक्शन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग लाइव-फीड सीसीटीवी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम भी नहीं था। चार्जशीट 28 जुलाई को दाखिल की गई थी। इसकी जानकारी शुक्रवार को सामने आई। इसके मुताबिक, एक्सपट्र्स एनटीए ऑफिस से होटल लौटकर याद किए गए सवाल पर्चियों पर लिखते थे। इसके बाद इन्हें बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए छात्रों तक पहुंचाया जाता था। चार्जशीट के मुताबिक विशेषज्ञों को अंतिम प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच मिली होती थी।
खास तौर पर अनुवाद और बैक ट्रांसलेशन के दौरान एक विशेषज्ञ चारों अंतिम मास्टर सेट देख सकता था। विशेषज्ञों के गोपनीय सेक्शन में प्रवेश और बाहर निकलते समय उनकी जांच या तलाशी लेने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसी खामी का फायदा केमिस्ट्री विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी ने उठाया। उसने कथित तौर पर 135 केमिस्ट्री सवाल छोटे-छोटे कागजों पर लिखे और तीन दिनों तक उन्हें बिना पकड़े होटल तक ले गया। सीबीआई ने एनटीए के पैनल में शामिल तीन विशेषज्ञों को पेपर लीक की मुख्य कड़ी बताया है। इनमें केमिस्ट्री के पीवी कुलकर्णी, बॉटनी और जूलॉजी की मनीषा गुरुनाथ मांढरे और फिजिक्स की मनीषा संजय हवलदार शामिल है।