बिजली के बाद अब हिमाचल में महंगा होगा बस का सफर , एचआरटीसी को घाटे से उबरने के लिए बढ़ेगा 20 प्रतिशत किराया

हिमाचल प्रदेश में बसों का न्यूनतम किराया बढ़ाया जा सकता है। एचआरटीसी के निदेशक मंडल ने इसे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव दिया है जिस पर सरकार फैसला लेगी। एचआरटीसी की तरफ से यह प्रस्ताव सरकार को जाएंगे और सरकार चाहेगी, तो प्रदेश में बस किराए की दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। सूत्रों के अनुसार निदेशक मंडल की बैठक में जहां किराए में बढ़ोतरी को लेकर स्लैब पर चर्चा हुई है

Feb 23, 2025 - 16:48
Feb 23, 2025 - 17:15
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बिजली के बाद अब हिमाचल में महंगा होगा बस का सफर , एचआरटीसी को घाटे से उबरने के लिए बढ़ेगा 20 प्रतिशत किराया
 
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  23-02-2025

हिमाचल प्रदेश में बसों का न्यूनतम किराया बढ़ाया जा सकता है। एचआरटीसी के निदेशक मंडल ने इसे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव दिया है जिस पर सरकार फैसला लेगी। एचआरटीसी की तरफ से यह प्रस्ताव सरकार को जाएंगे और सरकार चाहेगी, तो प्रदेश में बस किराए की दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। सूत्रों के अनुसार निदेशक मंडल की बैठक में जहां किराए में बढ़ोतरी को लेकर स्लैब पर चर्चा हुई है, वहीं शिमला में चल रही एचआरटीसी टैक्सियों का किराया बुजुर्गों को छोडक़र अन्य लोगों के लिए बढ़ाने की सिफारिश की गई है। स्कूल बसों को लेकर भी कुछ चर्चा हुई है। एचआरटीसी लगातार घाटे की मार झेल रहा है और उसका घाटा लगातार बढ़ रहा है। 
इससे निगम को इस स्थिति में चलाए रखना आसान नहीं है। ऐसे में एचआरटीसी प्रबंधन ने बस किराए में बढ़ोतरी की मांग रखी है जिस पर निदेशक मंडल ने भी सहमति जताते हुए सरकार से सिफारिश करने को कहा है। जल्दी ही यह प्रस्ताव कैबिनेट के लिए जाएंगे जहां इस पर विस्तार से चर्चा कर फैसला लिया जाएगा। अब सरकार तय करेगी कि उसे आगे किराए में बढ़ोतरी करनी है या नहीं। वैसे कई साल से यहां पर किराया नहीं बढ़ाया गया है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि न्यूनतम किराया जो पांच रुपए है उसे पहले दो किलोमीटर तक पांच रुपए रखने को कहा गया है, जबकि चार किलोमीटर के सफर पर इस किराए को दस रुपए यानी दोगुना करने की सिफारिश की जाएगी। 
इसके अलावा प्रति किलोमीटर किराया जो कि चार किलोमीटर से ऊपर लगेगा उसमें 15 फीसदी की बढ़ोतरी करने का भी प्रस्ताव है। वर्तमान में यह किराए प्रति किलोमीटर दो रुपए 19 पैसे के हिसाब से लिया जाता है। सूत्रों की मानें तो बैठक में निर्णय लिया गया है कि इसका प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेज दिया जाए क्योंकि फैसला सरकार ही करेगी। जब प्रदेश में न्यूनतम किराया बढ़ेगा तो वह न केवल एचआरटीसी का बढ़ेगा बल्कि निजी बसों का भी किराया बढ़ेगा। 
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि निगम ने एक साल में 70 करोड़ की आय में बढ़ोतरी की है, लेकिन डीजल व कलपुर्जों के रेट बढ़ने से निगम घाटे से उबर नहीं पा रहा है। हालत ये है कि निगम के पास कर्मचारियों की देनदारियों के लिए पैसा नहीं है। निगम का घाटा 1650 करोड़ तक पहुंच गया है। महिलाओं के किराए को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। शिमला में चलाई जा रही एचआरटीसी की टैक्सियों का किराया बढ़ाने की सिफारिश भी यहां की गई है। बुजुर्गों के लिए यहां पर टैक्सियां लगाई गई थीं। 
यहां पर 20 रुपए किराया टैक्सी में लिया जा रहा है, जिसे पहले 40 रुपए करने की सिफारिश की गई । उनके कहने पर 20 रुपए किराए को 30 रुपए करने की सिफारिश की जाएगी। बुजुर्गों से वर्तमान की तरह की 20 रुपए किराया लिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से प्रेस वार्ता के दौरान इस पर सवाल पूछा गया था लेकिन उनका यह कहना था कि बस किराए में जो भी फैसला लेगी वो सरकार ही लेगी। निदेशक मंडल चर्चा करके अपने प्रस्ताव भेज सकता है।

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