250 करोड़ से बनेगा मनाली रिवर फ्रंट , मुख्यमंत्री ने किया विंटर कार्निवल-2026 का  शुभारंभ

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पर्यटन नगरी मनाली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले विंटर कार्निवल-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 300 झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा माल रोड पहुंचने पर इन झांकियों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मनाली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 250 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित करने की घोषणा की

Jan 20, 2026 - 18:29
 0  15
250 करोड़ से बनेगा मनाली रिवर फ्रंट , मुख्यमंत्री ने किया विंटर कार्निवल-2026 का  शुभारंभ
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - कुल्लू   20-01-2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पर्यटन नगरी मनाली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले विंटर कार्निवल-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 300 झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा माल रोड पहुंचने पर इन झांकियों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मनाली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 250 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने परिधि गृह मनाली के नए भवन में अतिरिक्त पांच कमरे बनाने, मनाली क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के लिए आवश्यक सात चिन्हित स्थानों के लिए सुरक्षा दीवार लगाने, ओल्ड मनाली में दो करोड़ की लागत से पार्किंग निर्माण तथा गांव सोलंग तथा कराल में भूस्खलन के न्यूनीकरण संबंधी कार्यों के लिए 25-25 लाख रुपये प्रदान करने की भी घोषणा की। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुन्दरता, सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों और अतिथि-सत्कार परम्परा के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। प्रदेश में प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में पर्यटक आते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के अनुभवों को यादगार बनाने के उद्देश्य से प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विंटर कार्निवल जैसे भव्य आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख आधार है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश को प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक तथा स्वास्थ्य पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस दिशा में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ‘ग्रीन हिमालय बायोडायवर्सिटी पार्क’ तथा नदियों के किनारे पार्क विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई इको-टूरिज्म नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत नवंबर, 2025 तक 11 इको-टूरिज्म साइटों का आवंटन किया जा चुका है तथा 27 अन्य साइट्स की आवंटन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इससे पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है। 
उन्होंने कहा कि ट्रैकिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 245 ट्रैकिंग रूट चिन्हित किए गए हैं तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए एक मोबाइल ऐप भी विकसित की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से प्रदेश में रोप-वे परियोजनाओं को भी गति प्रदान की जा रही है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि होम-स्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन किए गए हैं तथा होम-स्टे इकाइयों के लिए ब्याज अनुदान योजना आरंभ की गई है। होम-स्टे स्थापित करने या मौजूदा होम-स्टे के विस्तार एवं उन्नयन हेतु अधिकतम पांच करोड़ रुपये के निवेश पर शहरी क्षेत्रों में तीन प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में चार प्रतिशत तथा जनजातीय क्षेत्रों में पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जा रहा है। होम-स्टे पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी आरंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी जिला मुख्यालयों को वर्षभर हवाई संपर्क से जोड़ने के लिए हेलीपोर्ट निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में कुल 16 नए हेलीपोर्ट विकसित करने का निर्णय लिया गया है। 
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में हमीरपुर के जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़, पालमपुर, चंबा के सुल्तानपुर, कुल्लू के आलू ग्राउंड और मनाली, किन्नौर के शाबो तथा लाहौल-स्पीति के जिस्पा, सिस्सू और रंगरिक में नौ हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जबकि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की प्रक्रिया भी प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला को हिमाचल प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया है। देहरा उप-मंडल के बनखंडी में लगभग 619 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विश्व-स्तरीय वन्य प्राणी उद्यान का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त शिमला जिला के कुफरी स्थित हसन घाटी में प्रदेश का पहला स्काईवॉक ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानी पर्यटन की संभावनाओं को भी तलाशा जा रहा है। बड़े बागीचों और बागीचों के समूहों को ग्रामीण पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और राज्य को साहसिक पर्यटन के उभरते केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। 
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के जलाशयों में लग्जरी एवं एडवेंचर टूरिज्म की शुरुआत की गई है। गोविंद सागर झील में पहली बार क्रूज, शिकारा, हाउस बोट, जेट-स्की, हाई-टेक मोटरबोट तथा वॉटर स्कूटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन गतिविधियों का विस्तार प्रदेश के अन्य जलाशयों में भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किन्नौर जिला के सीमावर्ती क्षेत्र शिपकी-ला में पर्यटन गतिविधियां आरंभ की गई हैं तथा अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी पर्यटन अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पर्यटन विकास पर्यावरण के अनुकूल हो, क्योंकि प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और संपदा ही हमारी सबसे अमूल्य धरोहर है। विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने मनाली क्षेत्र में हुए विकास कार्यों तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए करोड़ों रुपये आवंटित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। 
उन्होंने कहा कि केवल मनाली शहर में ही 500 करोड़ रुपये से विकास कार्य हुए हैं। उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस. रवीश ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा उत्सव के आयोजन के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर विधायक सुन्दर सिंह ठाकुर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी, मिल्क फेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, राज्य जल प्रबंधन के अध्यक्ष शशि शर्मा, एपीएमसी कुल्लू व लाहौल- स्पीति के अध्यक्ष मिया राम सिंह, रेडक्रॉस सोसायटी के जिला कोऑर्डिनेटर चंद्रशेखर शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सेस राम आजाद, कांग्रेस नेता राजीव किमटा, जिला परिषद कुल्लू, नगर परिषद मनाली के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं पार्षदगण तथा पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशिक भी उपस्थित थे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow