SFI चायल कोटी इकाई का सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न , 15 सदस्यीय नई कार्यकारिणी का गठन
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) चायल कोटी इकाई का सम्मेलन आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में आगामी शैक्षणिक सत्र एवं छात्र हितों की रक्षा के लिए 15 सदस्यीय नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया, जिसमें चाहत को अध्यक्ष और महक को सचिव चुना गया।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 22 सितंबर:
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) चायल कोटी इकाई का सम्मेलन आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में आगामी शैक्षणिक सत्र एवं छात्र हितों की रक्षा के लिए 15 सदस्यीय नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया, जिसमें चाहत को अध्यक्ष और महक को सचिव चुना गया। सम्मेलन का उद्घाटन SFI शिमला शहरी सह-सचिव कृतिका द्वारा किया गया। प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कृतिका ने देश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अत्याचार और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "आज देश के अंदर महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है। सरकार अपनी नीतियों और विज्ञापनों में तो बड़ी-बड़ी बातें करती है, परंतु ज़मीनी स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लागू करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।" देश में भाजपा के लगातार तीसरे बार सरकार बनाने के बाद भी महिलाओं और छात्राओं के लिए सुरक्षित माहौल देने में नाकामयाब सिद्ध हुई है । देश के अलग अलग कोने से महिलाओं के साथ रेप और यौन उत्पीड़न मामले सामने आते है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के बजाय भाजपा सरकार बलात्कारियों को बचाने में लगती है।
कृतिका ने आगे कहा कि उच्च शिक्षा में छात्राओं का नामांकन लगातार कम होना एक गंभीर चिंता का विषय है । महाविद्यालयों में लिंग संवेदनशील समितियों (GSCASH) का लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव न होने के कारण परिसरों में सुरक्षा का माहौल खत्म हो रहा है और छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। सम्मेलन का अवलोकन SFI शिमला शहरी कमेटी के सचिव प्रवेश ने किया। सम्मेलन में छात्रों और परिसरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा की गई तथा आने वाले समय में एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। सम्मेलन ने GSCASH समितियों का पारदर्शी का लोकतांत्रिक तरीके से गठन कराने हेतु संघर्ष , PTAके नाम पर छात्रों और अभिभावकों से की जा रही अवैध एवं मनमानी फीस वसूली के खिलाफ आवाज उठाना। हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में लंबे समय से बंद पड़े छात्र संघ चुनावों (SCA Elections) को तुरंत बहाल करने के लिए चरणबद्ध आंदोलन को तैयार करने की रूपरेखा तैयार की । नव-निर्वाचित कार्यकारिणी ने संकल्प लिया कि SFI चाइल कोटी इकाई परिसर में छात्र अधिकारों की रक्षा, शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल के निर्माण के लिए सदैव तत्पर रहेगी।
What's Your Reaction?
