कूड़े की छंटनी के लिए हर पंचायत में बनाएं शैड : अभिषेक गर्ग

 एडीसी अभिषेक गर्ग ने सभी बीडीओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में त्वरित कदम उठाएं, ताकि स्वच्छता के क्षेत्र में भी जिला हमीरपुर को एक मॉडल जिला बनाया जा सके। बुधवार को यहां हमीर भवन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अभिषेक गर्ग ने इन नियमों में ठोस कचरे के पृथक्करण यानि छंटनी की चार मुख्य श्रेणियां निर्धारित की गई हैं

Sep 23, 2026 - 14:16
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कूड़े की छंटनी के लिए हर पंचायत में बनाएं शैड : अभिषेक गर्ग

यंगवार्ता  न्यूज - हमीरपुर 23 सितंबर : 


 एडीसी अभिषेक गर्ग ने सभी बीडीओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में त्वरित कदम उठाएं, ताकि स्वच्छता के क्षेत्र में भी जिला हमीरपुर को एक मॉडल जिला बनाया जा सके। बुधवार को यहां हमीर भवन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अभिषेक गर्ग ने इन नियमों में ठोस कचरे के पृथक्करण यानि छंटनी की चार मुख्य श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें गीला कचरा जैसे-बचा हुआ भोजन, फल-सब्जियां इत्यादि, सूखा कचरा जैसे-प्लास्टिक, कागज, धातु और कांच इत्यादि, सेनेटरी कचरा तथा खतरनाक कचरा जैसे-दवाइयां, बैटरी, सीएफएल बल्ब, पेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स कचरा इत्यादि शामिल हैं। इस कचरे की छंटनी के लिए हर पंचायत में प्राथमिकता के आधार पर शैड बनाए जाने चाहिए। इनका निर्माण 16वें वित्त आयोग की धनराशि और वीबी-जीरामजी योजना की कनवर्जेंस से किया जा सकता है। एडीसी ने सभी 6 ब्लॉकों की प्लास्टिक कचरा प्रबंधन यूनिटों की रिपोर्ट भी तलब की।  


 एडीसी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य कचरे के एकत्रीकरण के लिए सभी बीडीओ दस दिन के भीतर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार एक प्रभावी प्रक्रिया बनाएं। उन्होंने कहा कि नए पंचायत जनप्रतिनिधियों को स्वच्छ भारत मिशन की विभिन्न प्रक्रियाओं से अवगत करवाकर ठोस कचरा प्रबंधन, शौचालय निर्माण और स्वच्छता से संबंधित अन्य गतिविधियों को गति प्रदान की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जिला के सभी 1675 गांव खुले में शौच से मुक्त हैं। इनमें से 1613 गांवों को मॉडल गांव घोषित करके इनका डाटा अपलोड कर दिया गया है। अन्य गांवों को भी मॉडल गांव घोषित करने के लिए डाटा अपलोडिंग का कार्य अतिशीघ्र पूरा होना चाहिए। जिला में वित्त वर्ष 2026-27 में 47 सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य है। इनमें से 38 को मंजूरी दे दी गई है, जिनमें से एक का निर्माण भी हो चुका है। इसी दौरान जिला में 294 नए मकानों में शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 35 के कार्य पूरे हो चुके हैं।


 एडीसी ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक आयोजित किए जा रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विभिन्न विभागों के लिए स्वच्छता से संबंधित कई गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। ग्रामीण विकास विभाग के अलावा अन्य सभी संबंधित विभाग भी इस अभियान के कैलेंडर के अनुसार अपने-अपने क्षेत्रों में ये गतिविधियां आयोजित करें। इनमें आम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक करना, शिक्षण संस्थानों, आंगनवाड़ी केंद्रों, जलस्रोतों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों की सफाई जैसी गतिविधियां शामिल की जा सकती हैं।
 बैठक में स्वच्छता से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। डीआरडीए की परियोजना अधिकारी अस्मिता ठाकुर ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष अनीता शर्मा और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। 

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