एक ही दिन में रख दीं 4 बड़ी भर्ती परीक्षाएं, टैंशन में हजारों बेरोजगार युवा
हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी का सपना संजो रहे हजारों बेरोजगार युवाओं के सामने आगामी 29 नवम्बर की तारीख एक बड़ा धर्मसंकट लेकर खड़ी हो गई है। विभिन्न भर्ती एजैंसियों के बीच आपसी समन्वय के अभाव ने प्रदेश के युवाओं को एक ऐसे दोराहे पर ला खड़ा किया है, जहां उन्हें अपनी ही मेहनत से हासिल किए गए अवसरों में से किसी एक की बलि देनी पड़ सकती है।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी का सपना संजो रहे हजारों बेरोजगार युवाओं के सामने आगामी 29 नवम्बर की तारीख एक बड़ा धर्मसंकट लेकर खड़ी हो गई है। विभिन्न भर्ती एजैंसियों के बीच आपसी समन्वय के अभाव ने प्रदेश के युवाओं को एक ऐसे दोराहे पर ला खड़ा किया है, जहां उन्हें अपनी ही मेहनत से हासिल किए गए अवसरों में से किसी एक की बलि देनी पड़ सकती है। दरअसल, प्रदेश में एक ही दिन चार अलग-अलग बड़ी भर्ती परीक्षाएं और शारीरिक दक्षता प्रक्रियाएं आयोजित होने जा रही हैं, जिससे एक से अधिक भर्तियों के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों के हाथ से सुनहरे मौके फिसलने का खतरा पैदा हो गया है।
तारीखों के इस बड़े टकराव के तहत आगामी 29 नवम्बर को हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती का ग्राऊंड टैस्ट, शिक्षक पात्रता परीक्षा, पटवारी भर्ती परीक्षा और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की परीक्षा एक साथ निर्धारित कर दी गई हैं। गौरतलब है कि सीमित अवसरों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के इस दौर में अधिकांश बेरोजगार युवा एक साथ कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और अपनी योग्यता के अनुसार सभी में आवेदन भी करते हैं। किंतु, एक ही तिथि पर चार-चार महत्वपूर्ण परीक्षाओं का शैड्यूल जारी होने से अभ्यर्थी भारी मानसिक तनाव और असमंजस में हैं कि वे अपने भविष्य के लिए किस परीक्षा को प्राथमिकता दें और किसे छोड़ें।
इस प्रशासनिक अदूरदर्शिता से परेशान अभ्यर्थियों ने अब संबंधित विभागों और भर्ती एजेैंसियों से परीक्षा तिथियों में तत्काल फेरबदल करने की पुरजोर मांग उठाई है। युवाओं का साफतौर पर कहना है कि प्रदेश की भर्ती एजैंसियों को परीक्षाओं का शैड्यूल तय करते समय आपस में समन्वय बनाना चाहिए, ताकि तारीखों के टकराव से किसी भी अभ्यर्थी का नुक्सान न हो। फिलहाल, अपने भविष्य को लेकर चिंतित इन हजारों बेरोजगार युवाओं की निगाहें अब प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों के फैसले पर टिकी हैं कि क्या उन्हें इस धर्मसंकट से बाहर निकालने के लिए परीक्षा तिथियों में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।
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