फिजिकल मेडिसिन रिहैबिलिटेशन की सेवाएं शुरू, नसों के दर्द और जोड़ों के दर्द के मरीजों को मिल रही राहत

डॉ. वाई.एस. परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में अब फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन यानी पीएमआर की सेवाएं शुरू हो गई हैं, जिससे नसों के दर्द, जोड़ों की समस्या, रीढ़ की हड्डी की चोट और दिव्यांग मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।  

Jun 11, 2026 - 20:37
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फिजिकल मेडिसिन रिहैबिलिटेशन की सेवाएं शुरू,  नसों के  दर्द और जोड़ों के दर्द के मरीजों को मिल रही राहत

यंगवार्ता न्यूज नाहन 11 जून , 2026 :

डॉ. वाई.एस. परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में अब फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन यानी पीएमआर की सेवाएं शुरू हो गई हैं, जिससे नसों के दर्द, जोड़ों की समस्या, रीढ़ की हड्डी की चोट और दिव्यांग मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।  

मीडिया से बात करते हुए डॉक्टर चाहत बंसल ने बताया कि कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जिनमें सिर्फ दवाइयां ही नहीं, बल्कि सही व्यायाम और पुनर्वास भी मरीजों को नई जिंदगी देने का काम करता है। उन्होंने बताया कि इस विभाग में नसों के दर्द, जोड़ों के दर्द, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं और दिव्यांग मरीजों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मरीजों की आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग लगाने की सलाह भी दी जा रही हैं। दवाइयों के साथ-साथ व्यायाम और फिजियोथेरेपी आधारित उपचार के माध्यम से मरीजों को तेजी से स्वस्थ करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ऐसे मरीजों को राहत मिल रही है, जिन्हें लंबे समय से दर्द और शारीरिक अक्षमता की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।

फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन सेवाओं के शुरू होने के बाद संबंधित मरीजों की ओपीडी में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सही उपचार और पुनर्वास के माध्यम से मरीजों की जीवनशैली को बेहतर बनाया जा सकता है और उन्हें सामान्य जीवन जीने में मदद मिल सकती है।

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