हिमाचल प्रदेश ने निजी संस्थानों के रिसर्च फंड पर जीएसटी लगाने का किया विरोध : धर्माणी 

हिमाचल प्रदेश ने निजी संस्थानों के रिसर्च फंड पर जीएसटी लगाने का विरोध किया है। यह विरोध हाल ही में जीएसटी काउंसिल की नई दिल्ली में हुई बैठक में किया गया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इसका एजेंडा जीएसटी काउंसिल की बैठक में लाया गया

Dec 30, 2025 - 11:29
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हिमाचल प्रदेश ने निजी संस्थानों के रिसर्च फंड पर जीएसटी लगाने का किया विरोध : धर्माणी 
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   30-12-2025

हिमाचल प्रदेश ने निजी संस्थानों के रिसर्च फंड पर जीएसटी लगाने का विरोध किया है। यह विरोध हाल ही में जीएसटी काउंसिल की नई दिल्ली में हुई बैठक में किया गया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इसका एजेंडा जीएसटी काउंसिल की बैठक में लाया गया था। 

सभी राज्यों में प्रतिनिधि मंत्रियों में इसका विरोध करने वाले वह अकेले थे। धर्माणी ने यह बात सोमवार को शिमला में अमर उजाला एजुकेशन एक्सीलेंस अवार्ड्स 2025 में कही। इसमें धर्माणी ने शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाले विभिन्न संस्थानों को सम्मानित भी किया।

धर्माणी ने कहा कि बैठक में एक एजेंडा यह था कि निजी संस्थानों को दिए जाने वाले रिसर्च फंड पर जीएसटी लगाया जाए और सरकारी संस्थानों पर नहीं। धर्माणी ने कहा कि अगर परिणाम देखे जाएं तो जितने इनोवेशन हुए हैं या हो रहे हैं, वे ज्यादातर निजी संस्थान ही कर रहे हैं। 

सरकारी क्षेत्र में देश और प्रदेश के कई हाईटेक संस्थानों की गहराई में जाए तो उसी समय यह सब देखने को मिलता है। अगर इन निजी संस्थानों को ज्यादा टैक्स के दायरे में लाया जाता है तो अनुसंधान कार्य स्थगित होंगे। धर्माणी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा प्रणाली के दायरे में अगर निजी क्षेत्र को लाया जाता है तो उसके भी बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे।

धर्माणी ने कहा कि आज तकनीक की बड़ी जरूरत है। डीप थिंकिंग करके शिक्षक, वैज्ञानिक और टेक्नोक्रेट ही समाधान निकाल सकते हैं। एआई के पास वही समाधान है, जिसे किसी न किसी ने अपलोड किया है। देश और दुनिया आने वाले समय में किस तरफ जाएगी। इसे शिक्षाविदों, शिक्षकों आदि ने तय करना है। 

नई पीढ़ी, बच्चों की दिशा-दशा, मैनपॉवर आदि को भी शिक्षाविदों ने ही तैयार करना है। धर्माणी ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के समक्ष कई चुनौतियां हैं। इनमें प्राकृतिक आपदा से जुड़ी चुनौतियां भी हैं। हाल ही में हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से सिस्मिक जोन छह में आंका गया है, जो पहले चार या पांच में था। इस बारे में भी गंभीरता से सोचे जाने की जरूरत है।

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