डर के साये में शिक्षा ग्रहण कर रहे दांथल स्कूल के 24 बच्चे, प्रशासन नहीं ले रहा सुध 

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिक्षा खंड संगड़ाह के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला दांथल करीब आठ साल से असुरक्षित और टूटे-फूटे भवन में चल रही है। यहां करीब 24 बच्चे डर के साये में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर

Aug 2, 2025 - 15:55
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डर के साये में शिक्षा ग्रहण कर रहे दांथल स्कूल के 24 बच्चे, प्रशासन नहीं ले रहा सुध 
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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बबीता शर्मा - नाहन    02-08-2025

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिक्षा खंड संगड़ाह के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला दांथल करीब आठ साल से असुरक्षित और टूटे-फूटे भवन में चल रही है। यहां करीब 24 बच्चे डर के साये में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। 

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और भय मुक्त वातावरण के सरकारी दावों की यहां हवा निकल रही है। स्कूल का रसोईघर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। शौचालय भी जीर्णशीर्ण हालत में हैं। कमरों की छत का प्लास्टर गिरने लगा है। दीवारों पर दरारें हैं। बरसात में कभी भी यह स्कूल भवन गिर सकता है।

सरकार ने बाल संकल्प योजना के तहत 2002 में इस पाठशाला का निर्माण किया था। उस समय यहां दो ही कमरे थे, इसके बाद एक कमरा और बनाया गया। स्कूल प्रबंधन समिति का कहना है कि साल 2018-19 में ग्राम पंचायत अंधेरी के गांव कांथल के इस प्राथमिक स्कूल के पास सड़क निर्माण के दौरान बड़े-बड़े पत्थर और मलबा ढांक में फेंका गया। इससे स्कूल के रसोईघर के साथ ही शौचालय क्षतिग्रस्त हो गए। 

यहीं नहीं स्कूल भवन के कमरों की दीवारों और छत को भी बहुत नुकसान पहुंचा। साल 2020-21 में समिति ने सगड़ाह के एसडीएम और पंचायत प्रधान अंधेरी विक्रम सिंह ने उपायुक्त को स्कूल की हालत से रूबरू करवाया था। 

वर्ष 2023 में एसडीएम संगड़ाह ने स्कूल का दौरा किया और स्कूल भवन की जर्जर हालत को देखते हुए कक्षाएं सुरक्षित भवन (सरकारी/निजी) में चलाने के निर्देश दिए थे। कोई विकल्प न मिलने के कारण दो साल बाद भी यह स्कूल उसी असुरक्षित भवन में चल रहा है। हाल ही में पंचायत की बैठक में बारिश-भूस्खलन होने की सूरत में अभिभावकों ने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजने का फैसला लिया है। 

इससे पहले भी बरसात के मौसम में कुछ समय के लिए एक कच्चे मकान में कक्षाएं लगानी पड़ीं। विभाग के बीईईओ, सीएचटी ने भी लोक निर्माण विभाग के एक्सईन से पत्राचार किया और स्कूल को हुई क्षति से अवगत करवाया लेकिन मामला इतने साल बीत जाने के बाद भी ज्यों का त्यों है।
 
जेबीटी यशपाल ठाकुर ने बताया कि भवन की स्थिति के बारे में प्रशासन, लोक निर्माण विभाग को अवगत करवाया जा चुका है। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही से स्कूल भवन को नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक खंड शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी ने बताया कि दो दिन पहले ही स्कूल का दौरा किया गया। स्कूल प्रबंधन समिति व ग्रामीणों से किराए पर भवन को लेकर चर्चा हुई। फिलहाल भवन नहीं मिल पा रहा है, कोशिशें जारी हैं।

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