*मुख्यमंत्री राजनीतिक प्रतिशोध की खतरनाक परंपरा शुरू कर रहे हैं, इसके दूरगामी दुष्परिणाम होंगे : बिक्रम ठाकुर
जसवां-परागपुर से भाजपा विधायक एवं पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह के विरुद्ध विजिलेंस द्वारा दर्ज मामले को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब कानून का शासन नहीं, बल्कि राजनीतिक बदले की भावना से सरकार चल रही है। विपक्ष के नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सत्ता से जुड़े मामलों में सरकार पूरी तरह मौन है।
यंगवार्ता न्यूज धर्मशाला 22 जुलाई, 2026 :
जसवां-परागपुर से भाजपा विधायक एवं पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह के विरुद्ध विजिलेंस द्वारा दर्ज मामले को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब कानून का शासन नहीं, बल्कि राजनीतिक बदले की भावना से सरकार चल रही है। विपक्ष के नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सत्ता से जुड़े मामलों में सरकार पूरी तरह मौन है।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश में एक गलत राजनीतिक ट्रेंड स्थापित कर रहे हैं, जो लोकतंत्र और स्वस्थ राजनीति दोनों के लिए बेहद घातक है। यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई करना चाहती है तो जांच समान नीति से होनी चाहिए, न कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से। आज स्थिति यह है कि सरकार के विरोध में आवाज उठाने वालों पर तुरंत एफआईआर और विजिलेंस की कार्रवाई होती है, लेकिन सत्ता पक्ष से जुड़े गंभीर मामलों पर सरकार आंखें मूंद लेती है।
उन्होंने कहा कि देहरा उपचुनाव के दौरान महिला मंडलों के खातों में 50-50 हजार रुपये डाले जाने के मामले में भाजपा ने गंभीर शिकायतें कीं। पूरे प्रदेश ने देखा कि सरकारी तंत्र का किस प्रकार चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया। आज तक उस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, न किसी अधिकारी पर कार्रवाई हुई और न ही किसी जिम्मेदार व्यक्ति से जवाब मांगा गया। आखिर मुख्यमंत्री बताएँ कि उस मामले में विजिलेंस की सक्रियता क्यों नहीं दिखाई दी? क्या कानून केवल विपक्ष के लिए है?
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि दूसरी ओर पूर्व विधायक होशियार सिंह के एक पारिवारिक एवं व्यक्तिगत विषय को आधार बनाकर विजिलेंस कार्रवाई कर दी जाती है। यह दोहरा मापदंड प्रदेश की जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि आखिर 50 हजार रुपये बांटने के मामले में जांच नहीं और व्यक्तिगत मामलों में तत्काल जांच क्यों?
उन्होंने कहा कि होशियार सिंह वर्षों से अपने निजी संसाधनों से गरीबों, जरूरतमंदों और असहाय परिवारों की निस्वार्थ सहायता करते आए हैं। उनके जनसेवा के कार्यों से पूरा क्षेत्र परिचित है। ऐसे व्यक्ति की छवि खराब करने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल करना लोकतंत्र का अपमान है। उन्हें विश्वास है कि निष्पक्ष जांच होगी तो सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी और सरकार का राजनीतिक षड्यंत्र बेनकाब होगा।
बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन और लगातार बढ़ते जनाक्रोश से घबराकर विपक्षी नेताओं को कानूनी मामलों में उलझाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा को निशाना बनाया गया, फिर धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा को विभिन्न मामलों में परेशान किया गया और अब पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ विजिलेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह घटनाएं अलग-अलग नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध का सुनियोजित अभियान हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में सरकार जिस तेजी से काम करती है, वही तत्परता अपने नेताओं और अधिकारियों के मामलों में क्यों नहीं दिखाई देती? प्रदेश की जनता इस भेदभाव को भली-भांति समझ रही है। लोकतंत्र में कानून का इस्तेमाल न्याय के लिए होना चाहिए, राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए नहीं।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री यह नहीं भूलें कि सत्ता स्थायी नहीं होती। आज जो परंपरा वे शुरू कर रहे हैं, कल वही उनके लिए भी उदाहरण बनेगी। राजनीतिक प्रतिशोध की संस्कृति कभी किसी सरकार के लिए शुभ साबित नहीं हुई। इतिहास गवाह है कि जिन्होंने सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को दबाने का प्रयास किया, जनता ने उन्हें समय आने पर करारा जवाब दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विकास पूरी तरह ठप हो चुका है। भाजपा सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी गई हैं, विकास परियोजनाएं अधर में लटकी हैं और ठेकेदार भुगतान न मिलने के कारण काम छोड़ने को मजबूर हैं। जनता महंगाई, बेरोजगारी और अव्यवस्था से परेशान है, लेकिन सरकार इन मुद्दों का समाधान करने के बजाय विपक्ष के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने में व्यस्त है।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश सरकार की इस प्रतिशोधात्मक राजनीति से डरने वाली नहीं है। भाजपा जनता की आवाज पहले भी उठाती रही है और आगे भी मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए प्रत्येक घोटाले और अनियमितता का विस्तृत दस्तावेज तैयार किया जा रहा है। भाजपा समय आने पर प्रदेश की जनता के सामने पूरा कच्चा चिट्ठा रखेगी और सत्ता परिवर्तन के बाद कानून के अनुसार प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सलाह है कि राजनीतिक प्रतिशोध छोड़कर प्रदेश के विकास, कर्मचारियों, युवाओं, किसानों और आम जनता की समस्याओं पर ध्यान दें। सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराने का प्रयास न लोकतंत्र के हित में है और न ही हिमाचल प्रदेश के भविष्य के लिए। जनता सब देख रही है और उचित समय पर इसका लोकतांत्रिक जवाब अवश्य देगी।
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