पहली बार सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान,1 मार्च से आशा वर्कर करेंगी घर-घर सर्वे

सर्वाइकल कैंसर, जोकि स्तन कैंसर के बाद सबसे ज्यादा महिलाओं में पाई जाने वाली कैंसर की बीमारी है, के विरुद्ध पहली बार सरकार द्वारा एक विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जा रही है जिसको लेकर 1 मार्च 2026 से आशा वर्कर के माध्यम से घर-घर जाकर सर्वे करवाया जाएगा

Feb 21, 2026 - 15:48
Feb 21, 2026 - 15:50
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पहली बार सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान,1 मार्च से आशा वर्कर करेंगी घर-घर सर्वे
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    21-02-2026

सर्वाइकल कैंसर, जोकि स्तन कैंसर के बाद सबसे ज्यादा महिलाओं में पाई जाने वाली कैंसर की बीमारी है, के विरुद्ध पहली बार सरकार द्वारा एक विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जा रही है जिसको लेकर 1 मार्च 2026 से आशा वर्कर के माध्यम से घर-घर जाकर सर्वे करवाया जाएगा और पात्र बालिकाओं की पहचान की जाएगी।  

इस टीकाकरण अभियान को लेकर आज यहाँ उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बताया गया कि इस राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरुआत 29 मार्च 2026 से की जानी प्रस्तावित है, जिसके तहत प्रत्येक रविवार को टीकाकरण होगा। यह अभियान 3 माह तक चलेगा। 

सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (बच्चेदानी के निचले हिस्से) में होने वाला कैंसर है, जो मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के कारण होता है। यह 30-50 वर्ष की महिलाओं में अधिक आम है और यौन संबंध से फैलता है। सर्वाइकल कैंसर विश्व स्तर पर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है और भारत में यह दूसरा सबसे आम कैंसर है। एचपीवी टीकाकरण और नियमित स्क्रीनिंग के माध्यम से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है। 

भारत में हर वर्ष लगभग 1.2–1.3 लाख नए सर्वाइकल कैंसर के मामले सामने आते हैं। हर वर्ष लगभग 75,000–80,000 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर पाया जाता है। यह रोग परिवार और समाज के लिए गंभीर क्षति है। एच.पी.वी. संक्रमण सामान्यतः  युवावस्था में होता है, इसलिए कम उम्र में टीकाकरण करने से वायरस के संपर्क से पहले सर्वोत्तम सुरक्षा मिलती है। एच.पी.वी. वैक्सीन उन प्रकार के वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है, जो अधिकांश सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, जिन बालिकाओं ने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है लेकिन 15 वर्ष पूर्ण नहीं किए हैं, वह टीकाकरण के लिए पात्र हैं। इस अभियान के तहत सभी पात्र बालिकाओं को कवर किया जाएगा जिसमें प्रवासी और बेसहारा बालिकाएं भी शामिल रहेंगी। यह एकल खुराक मजबूत और दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करती है। 

यह टीका सुरक्षित और प्रभावी है तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों द्वारा अनुमोदित है। विश्वभर में अब तक करोड़ों खुराक दी जा चुकी हैं। महिलाओं को 35 वर्ष की आयु में और 45 वर्ष की आयु में इसकी जांच करवानी चाहिए। अगर समय पर करवाई गई जांच में कैंसर पाया जाता है तो उसका इलाज संभव है। टीकाकरण से लगभग 83 प्रतिशत तक सर्वाइकल कैंसर के मामलों को रोका जा सकता है। 

भारत में निजी क्षेत्र में इस टीके की एक खुराक की कीमत 10,000 रुपए तक हो सकती है, लेकिन इस अभियान के अंतर्गत यह पूर्णतया निशुल्क उपलब्ध है। यह टीकाकरण आपके घर के निकट स्थित टीकाकरण स्थलों (सरकारी अस्पतालों) में किया जाएगा जिसके लिए शिमला शहर में 5 स्थल और पूरे जिला में 39 स्थल चिन्हित किए गए हैं। 

एच.पी.वी. टीकाकरण चयिनत रविवार को आयोजित किया जाएगा। सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपनी सहमति प्रदान करें और अपनी पात्र बालिकाओं के स्वस्थ और समृद्ध जीवन हेतु टीकाकरण अवश्य करवाएँ।
बैठक में बताया गया कि यूएस की वैक्सीन गार्डासिल की 0.5 एमएल की एक डोज़ बायां बाजू के ऊपर के हिस्से में लगाई जाएगी। 

बैठक में बताया गया कि टीकाकरण के लिए यू-विन पोर्टल पर पात्र बालिकाओं का पंजीकरण आशा वर्कर द्वारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, टीकाकरण के लिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक है जिसके लिए ओटीपी के माध्यम से उनकी सहमति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। 

टीकाकरण के बाद हल्का बुखार या इंजेक्शन स्थल पर मामूली सा दर्द जैसे सामान्य व अस्थायी लक्षण हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, टीकाकरण के लिए खाली पेट न आएं और टीकाकरण के उपरांत 30 मिनट तक निगरानी में रहना आवश्यक है। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण वाले सभी 39 केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटा जा सके। 

इसके अतिरिक्त उन्होंने श्रम विभाग को भी इस अभियान में जोड़ने के निर्देश दिए ताकि प्रवासी मजदूरों के परिवारों तक पहुंचा जा सके और कोई भी पात्र बालिका टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने शिक्षा विभाग को सभी स्कूलों में टीकाकरण को लेकर पूर्ण जानकारी साझा करने के निर्देश दिए ताकि सभी बालिकाओं को टीकाकरण उपलब्ध हो सके। 

बैठक में प्रधानाचार्य आईजीएमसी डॉ सीता ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ यशपाल रांटा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा लेखराज भारद्वाज, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस ममता पॉल, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ विनीत, कमला नेहरू अस्पताल से एसएमओ डॉ मीनाक्षी और डॉ निशि सूद, आईजीएमसी से उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रवीण और डॉ सुरेंद्र सिंह, आयुष विभाग से डॉ अख्तर अब्बास, आस्था अस्पताल पंथाघाटी से कल्पना शर्मा, आरसीएस शिमला की अध्यक्ष पूजा गोयल और सुरभि सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

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