मंडी की गौरवमयी विरासत का अहसास करा गई हेरिटेज वॉक
छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी शहर की स्थापना के 500वें प्रवेश वर्ष के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘हेरिटेज वॉक’ ने लोगों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम प्रदान किया
यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी 21-02-2026
छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी शहर की स्थापना के 500वें प्रवेश वर्ष के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘हेरिटेज वॉक’ ने लोगों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम प्रदान किया।
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस पहल ने न केवल ऐतिहासिक धरोहरों का दर्शन कराया, बल्कि मंडी रियासत के इतिहास, स्थापत्य कला, आध्यात्मिक परंपराओं और उनमें निहित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया।
शिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर 15, 17, 18 और 20 फरवरी, 2026 को आयोजित कुल आठ सत्रों में लगभग 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया। शहर के प्रबुद्धजनों, युवाओं, मातृ शक्ति तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रतिभागियों का कहना रहा कि मंदिरों और ऐतिहासिक इमारतों को वे वर्षों से देखते आए हैं, परंतु ‘हेरिटेज वॉक’ के माध्यम से उनके इतिहास और महत्व को विस्तार से जानने का अवसर पहली बार मिला। लोगों ने जिला प्रशासन से ऐसे आयोजन भविष्य में भी निरंतर जारी रखने की अपेक्षा जताई।
वॉक के अंतिम दिन शुक्रवार के प्रातः सत्र में मातृ शक्ति ने “श्री राज माधव राय जी” और बाबा भूतनाथ के जयकारों के साथ हेरिटेज वॉक में भाग लिया। प्रतिभागियों ने राज माधव राय मंदिर तथा भूतनाथ मंदिर में दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
दूसरा सत्र ऐतिहासिक गुरु गोबिंद सिंह गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधन कमेटी के प्रतिनिधियों और संगत के नाम रहा। संगत जब दमदमा पैलेस पहुंची तो वहां से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों को जानकर भाव-विभोर हो उठी।
बताया गया कि अठारहवीं शताब्दी के आरंभ में मंडी के तत्कालीन राजा सिद्ध सेन के आग्रह पर गुरु गोबिंद सिंह ने दो दिन का ठहराव मंडी में किया था। मंडी की ऐतिहासिक धरोहरों के साथ ही श्री राज माधव राय जी से जुड़ी आध्यात्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक प्रसंगों को जानकर हर कोई प्र
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