हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, कई जगह स्कूल और कॉलेज बंद, 15 जुलाई तक मौसम विभाग का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और आगामी छह दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) शिमला के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 10 से 15 जुलाई तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका है।
यंगवार्ता न्यूज शिमला 10 जुलाई, 2026 :
उन्होंने कहा कि यदि किसी जिले में खराब मौसम, भूस्खलन, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक कारणों से शिक्षण संस्थान बंद किए जाते हैं तो उस अवधि में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी संस्थानों में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें भी अवकाश मिलेगा।
रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अभिभावकों और आम लोगों से भी अपील की कि खराब मौसम के दौरान प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
विभाग ने बताया कि 9 से 15 जुलाई के दौरान किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं का भी अनुमान है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। चंबा के जोत में सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। वहीं बिलासपुर के मलरांव, शिमला के सराहन और चंबा के चुवाड़ी में 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई। कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि भुंतर में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। विभाग ने चेताया है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव, सड़कें फिसलनभरी होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ का भी खतरा है।
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