400 साल पुराने ऐतिहासिक शहर नाहन में उमड़ा आस्था का सैलाब , भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने लिया भाग

करीब 400 साल पुराने ऐतिहासिक शहर नाहन में रविवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा के दौरान आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर की सड़कों पर हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र सुसज्जित विशाल रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले तो पूरा वातावरण "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंज उठा

Jul 19, 2026 - 16:56
Jul 19, 2026 - 17:51
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400 साल पुराने ऐतिहासिक शहर नाहन में उमड़ा आस्था का सैलाब , भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने लिया भाग
यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  19-07-2026

करीब 400 साल पुराने ऐतिहासिक शहर नाहन में रविवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा के दौरान आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर की सड़कों पर हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र सुसज्जित विशाल रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले तो पूरा वातावरण "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंज उठा। मान्यता है कि जगन्नाथ पुरी के बाद भगवान जगन्नाथ की दूसरी सिद्ध पीठ नाहन में विराजमान है। यही कारण है कि इस रथ यात्रा का धार्मिक महत्व बेहद विशेष माना जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल होने के लिए नाहन पहुंचते हैं। 

इस वर्ष शहर में 18वीं बार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान भगवान के रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी रथ की रस्सी पकड़कर स्वयं को सौभाग्यशाली मान रहे थे। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।करीब 400 साल पुराने ऐतिहासिक शहर में भगवान जगन्नाथ की 18 वीं भव्य रथ यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के रथ को खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया। 
 

 
मान्यता है कि जगन्नाथ पुरी के बाद भगवान जगन्नाथ की दूसरी सिद्धपीठ नाहन में विराजमान है। यात्रा के दौरान यहां आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ मंदिर से चौगान मैदान तक भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र पालकी पर पहुंचे और उसके बाद चौगान मैदान से भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। जैसे ही रथ यात्रा शुरू हुई, भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

हर कोई भगवान का रथ खींचने के लिए उत्साहित नजर आया। यात्रा में न केवल हिमाचल प्रदेश पर की बाहरी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए थे रथ यात्रा में पहुंचे श्रद्धालु ने बताया कि बेसब्री से उन्हें भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का इंतजार रहता है। जगन्नाथ मंदिर के पुजारी जगदीश शर्मा ने कहा कि रथ यात्रा के माध्यम से भगवान जगन्नाथ स्वयं अपने भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इसी आस्था और परंपरा के कारण हर साल विभिन्न राज्यों के हजारों श्रद्धालु इस यात्रा का हिस्सा बनते हैं। 
 

 
आयोजक श्री भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा मंगल के अध्यक्ष प्रकाश बंसल ने बताया नाहन में भगवान जगन्नाथ सिद्ध पीठ के रूप में विराजमान है। उन्होंने कहा कि 17 साल पहले यहां भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाल शुरू की गई थी और अब लगातार हर वर्ष यात्रा का आयोजन किया जाता है। यात्रा में भाजपा सांसद सुरेश कश्यप, स्थानीय कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी , भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। राजीव बिंदल ने कहा यह बेहद सौभाग्यशाली दिन है जब नाहन शहर में यात्रा का आयोजन किया जा रहा हो। 
 
 

 
उन्होंने कहा कि आज के दिन पूरे प्रदेश की सुख शांति के लिए कामना की जा रही है। भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर भगवान जगन्नाथ की यह भव्य रथ यात्रा एक बार फिर नाहन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की पहचान बनी और एक बार फिर हजारों लोग इस ऐतिहासिक यात्रा के साक्षी बने। रथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली , जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पूरे मार्ग को रंग-बिरंगी सजावट और धार्मिक झांकियों से आकर्षक रूप दिया गया था। भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पूरे वर्ष इस पावन रथ यात्रा का बेसब्री से इंतजार करते हैं। 
 
 

उनका कहना था कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और हर वर्ष इस यात्रा में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। हिमाचल प्रदेश के अलावा हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाहन पहुंचे। प्रशासन और आयोजन समिति की ओर से सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरी यात्रा शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

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