अंतरराष्ट्रीय एक्सपो-2026 में हिमाचल को मिला प्रथम पुरस्कार, फसल विविधीकरण मॉडल की हुई सराहना
नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर एवं ऑर्गेनिक एक्सपो-2026 में हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग ने अपनी आधुनिक एवं वैज्ञानिक बागवानी प्रणाली, फसल विविधीकरण मॉडल तथा उच्च मूल्य वाली फसलों के प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया है। इस उपलब्धि से हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला, 28 जुलाई, 2026 :
नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर एवं ऑर्गेनिक एक्सपो-2026 में हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग ने अपनी आधुनिक एवं वैज्ञानिक बागवानी प्रणाली, फसल विविधीकरण मॉडल तथा उच्च मूल्य वाली फसलों के प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया है। इस उपलब्धि से हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
बागवानी निदेशक डॉ. सतीश कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, वैज्ञानिकों और प्रदेश के बागवानों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान हिमाचल के किसानों, वैज्ञानिकों और अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होने बताया कि प्रदर्शनी में देश-विदेश से आए किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, उद्यमियों और नीति-निर्माताओं ने हिमाचल प्रदेश के स्टॉल का अवलोकन किया।
डॉ0 सतीश शर्मा ने कहा कि इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी को जाता है जिनके मार्गदर्शन में प्रदेश में चलाए जा रहे फसल विविधीकरण अभियान का साक्षात परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब केवल सेब राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि फल विविधीकरण, संरक्षित खेती और उच्च मूल्य वाली फसलों के माध्यम से फल राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश के बागवानी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान मिलेगी।
बागवानी निदेशक ने बताया कि प्रदर्शनी में ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, ब्लूबेरी, कीवी, चेरी, अनार, स्ट्रॉबेरी, लिलियम सहित विभिन्न उच्च मूल्य वाली फसलों और जीआई टैग प्राप्त किन्नौरी सेब को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के दौरान वरिष्ठ पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. भूपिंदर सिंह नेगी, उत्कृष्टता बागवानी केंद्र शिलारू के विषय विशेषज्ञ डॉ. कुशाल सिंह मेहता तथा मधुमक्खी पालक दमेश कुमार शर्मा ने हजारों किसानों और आगंतुकों को आधुनिक बागवानी योजनाओं, वैज्ञानिक खेती और जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान की।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन की परियोजना निदेशक डॉ. माला शर्मा ने बताया कि अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (एफएलडी) कार्यक्रमों के माध्यम से ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, ब्लूबेरी और लिलियम जैसी नई फसलों को किसानों तक पहुंचाया जा रहा है।
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