भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में 'मायलॉफ्ट' आधारित लाइब्रेरी मोबाइल एप एवं रिमोट एक्सेस सेवा का शुभारंभ
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), राष्ट्रपति निवास, शिमला के पुस्तकालय द्वारा आज 'मायलॉफ्ट (MyLOFT)' आधारित लाइब्रेरी मोबाइल एप्लीकेशन एवं पीसी/लैपटॉप रिमोट एक्सेस सेवा का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आयोजित उपयोगकर्ता प्रशिक्षण सत्र में संस्थान के फेलोज़, एसोसिएट्स, शोधार्थियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डिजिटल पुस्तकालय सेवाओं के उपयोग, उनकी विशेषताओं तथा शोध कार्य में उनकी उपयोगिता की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला, 25 जुलाई 2026 :
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ज्ञान-संसाधनों तक निर्बाध एवं त्वरित पहुँच आज के शोध परिवेश की मूल आवश्यकता है। डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से पुस्तकालय सेवाओं का विस्तार संस्थान की शोध संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा शोधार्थियों को किसी भी समय और किसी भी स्थान से विश्वस्तरीय अकादमिक संसाधनों तक पहुँच उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल पुस्तकालय सेवाओं को अधिक सुलभ, समावेशी तथा शोधोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम का समन्वयन संस्थान के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार मिश्रा द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि मायलॉफ्ट प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से अब संस्थान के अधिकृत उपयोगकर्ता मोबाइल एप अथवा वेब ब्राउज़र के जरिए पीसी/लैपटॉप पर कहीं से भी संस्थान द्वारा सदस्यता प्राप्त ई-पुस्तकों, ई-जर्नलों, डेटाबेस तथा अन्य डिजिटल संसाधनों का सुरक्षित एवं निर्बाध उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह सुविधा शोधकर्ताओं को परिसर के भीतर और बाहर समान रूप से गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराएगी, जिससे शोध कार्य अधिक सुविधाजनक एवं प्रभावी होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से शोधकर्ताओं को ONOS (वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन) के अंतर्गत लगभग 30 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों की 13,000 से अधिक पूर्ण-पाठ शोध पत्रिकाओं, JSTOR के 60 से अधिक विषयों में उपलब्ध 2,800 से अधिक अकादमिक जर्नलों, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, टेलर एंड फ्रांसिस तथा गेल सहित प्रतिष्ठित प्रकाशकों की ई-पुस्तकों के अतिरिक्त पुस्तकालय कैटलॉग, नवीन पुस्तकों की जानकारी तथा अन्य आवश्यक डिजिटल सेवाओं तक सहज पहुँच प्राप्त होगी। इससे शोधकर्ताओं का समय बचेगा और शोध कार्य की गुणवत्ता एवं दक्षता में वृद्धि होगी।
डॉ. मिश्रा ने यह भी बताया कि पुस्तकालय ने अपनी वेबसाइट के माध्यम से शोध सहायता सेवाओं को भी सुदृढ़ किया है। इसके अंतर्गत APA, MLA एवं Chicago Style Manuals, Mendeley, Zotero तथा EndNote जैसे संदर्भ प्रबंधन उपकरण, Grammarly, DrillBit तथा ShodhShuddhi जैसी भाषा एवं समानता जाँच संबंधी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। साथ ही राष्ट्रीय अभिलेखागार के 'अभिलेख पटल' (Abhilekh Patal) से भी शोधकर्ताओं को जोड़ा गया है, जिससे डिजिटाइज़्ड ऐतिहासिक अभिलेखों एवं शोध सामग्री तक उनकी पहुँच और अधिक सुदृढ़ हुई है। इन पहलों का उद्देश्य शोध प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में शोधार्थियों को समग्र डिजिटल सहयोग प्रदान करना है।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन मायलॉफ्ट की ओर से श्री वैभव गोयल एवं सुश्री जानवी नेचलानी ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को मोबाइल एप एवं वेब पोर्टल के माध्यम से लॉगिन, डिजिटल संसाधनों की खोज, व्यक्तिगत डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण, संदर्भ सामग्री को सुरक्षित रखने एवं व्यवस्थित करने सहित विभिन्न सुविधाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन किया तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने इस नई डिजिटल सुविधा का स्वागत करते हुए इसे संस्थान की शोध एवं अध्ययन गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। यह सेवा भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान की उस सतत प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है जिसके माध्यम से आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ जोड़ते हुए ज्ञान संसाधनों को शोध समुदाय के लिए अधिक सुलभ, प्रभावी और उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाया जा रहा है।
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