हिमाचल की बेटी करसोग की रुचिका ठाकुर ने फतह किया एवरेस्ट, रचा इतिहास

बेटियां किसी से कम नहीं, पीछे भी नहीं हैं’… यह बात करसोग क्षेत्र की बेटी रुचिका ठाकुर ने माउंट एवरेस्ट को फतेह कर साबित कर दी है। वहीं हिमाचल प्रदेश से इकलौती प्रतिभावान बहादुर रुचिका ने आईटीबीपी के इस वर्ष दल में शामिल होकर पूरे प्रदेश का नाम दुनिया में ऊंचा किया है।

May 24, 2026 - 13:03
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हिमाचल की बेटी करसोग की रुचिका ठाकुर ने फतह किया एवरेस्ट, रचा इतिहास

करसोग 24 मई, 2026 : 

‘बेटियां किसी से कम नहीं, पीछे भी नहीं हैं’… यह बात करसोग क्षेत्र की बेटी रुचिका ठाकुर ने माउंट एवरेस्ट को फतेह कर साबित कर दी है। वहीं हिमाचल प्रदेश से इकलौती प्रतिभावान बहादुर रुचिका ने आईटीबीपी के इस वर्ष दल में शामिल होकर पूरे प्रदेश का नाम दुनिया में ऊंचा किया है।
उल्लेखनीय है कि रुचिका ठाकुर करसोग के गांव तेबण शिलह निवासी है, जिनके पिता लालचंद साधारण किसान हैं तथा माता कृष्णा देवी पूरी जिम्मेदारी से परिवार को संभाल रही हैं। रुचिका ठाकुर की बड़ी बहन अशरफा ने जानकारी देते हुए बताया कि परिवार से संबंधित तीन बहनों में सबसे छोटी रुचिका ठाकुर है, जो हमेशा बहादुरी से काम करने के लिए अपनी पहचान रखती है।

उन्होंने बताया कि दिसंबर, 2022 में रुचिका आईटीबीपी में शामिल होकर देश सेवा का जज्बा लेकर सेवारत हुई हैं तथा उसके बाद लगातार मेहनत और लगन का रास्ता लेकर रुचिका अब माउंट एवरेस्ट फतह करके नेपाल के रास्ते भारत लौट रही हैं, जिनकी उपलब्धि को सुनकर पूरा क्षेत्र गौरव से ऊंचा हुआ है। अशरफा ने बताया कि उनकी छोटी बहन रुचिका ने माउंट एवरेस्ट की चोटी को अपनी 11 सदस्यों की टीम के साथ 21 मई को फतह किया है। इस दल में हिमाचल से इकलौती करसोग की बहादुर रुचिका ठाकुर रही है। उन्होंने बताया कि रुचिका नेपाल के रास्ते होकर अभी भारत लौट रही हैं और इस खुशी के पल को सुनकर पूरा परिवार इस बेटी पर नाज होना बता रहा है। बताया गया कि रुचिका ठाकुर माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद आगामी कुछ ही दिनों में करसोग अपने घर आ रही हैं, जहां उनका जोरदार स्वागत भी किया जाएगा।

अशरफा ने कहा कि माता-पिता ने जहां बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए हर कदम पर प्रोत्साहित किया है, तो वहीं बेटियों ने भी माता-पिता को प्राउड फील करवाया है। पिता लालचंद ने भी किसान होने के नाते कड़ा संघर्ष करते हुए तीनों बेटियों का बेटों की तरह पालन पोषण किया और निरंतर शिक्षा पर बल देते हुए उन्होंने बेटियों के लिए वे सभी प्रयास किए जो उन्हें समाज में सिर ऊंचा करने का मौका दे रही हैं। उनकी माता कृष्णा देवी ने भी बेटियों को निरंतर आगे बढऩे की प्रेरणा दी, जिसका नतीजा यह है कि तीनों बहनें वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों के लिए अपना हर संभव सहयोग करते हुए परिवार का नाम ऊंचा कर रही हैं।

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