अब ऑनलाइन भी मिलेगा बाबा बालक नाथ के रोट प्रसाद , श्रद्धालु घर बैठे ही कर सकेंगे ऑर्डर

ऑनलाइन शॉपिंग के इस आधुनिक दौर में अब हिमाचल के मंदिरों के प्रसाद को भी घर बैठे भक्तों तक सरलता से पहुंचाने की व्यवस्था शुरू हो रही है। देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र उत्तरी भारत के दियोटसिद्ध स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक मंदिर से इसकी शुरुआत की जा रही है। इसके तहत बाबाजी का रोट प्रसाद अब ऑनलाइन माध्यम से भी लोगों के घर तक पहुंच सकेगा

Jul 20, 2026 - 18:07
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अब ऑनलाइन भी मिलेगा बाबा बालक नाथ के रोट प्रसाद , श्रद्धालु घर बैठे ही कर सकेंगे ऑर्डर

यंगवार्ता न्यूज़ - हमीरपुर  20-07-2026

ऑनलाइन शॉपिंग के इस आधुनिक दौर में अब हिमाचल के मंदिरों के प्रसाद को भी घर बैठे भक्तों तक सरलता से पहुंचाने की व्यवस्था शुरू हो रही है। देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र उत्तरी भारत के दियोटसिद्ध स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक मंदिर से इसकी शुरुआत की जा रही है। इसके तहत बाबाजी का रोट प्रसाद अब ऑनलाइन माध्यम से भी लोगों के घर तक पहुंच सकेगा। इंडिया पोस्ट के सहयोग से शुरू की जाने वाली ऑनलाइन प्रसाद वितरण सेवा का मंदिर न्यास ने प्रोसेस शुरू कर दिया है। इसके बाद इसका टेंडर होगा। 
बताया जा रहा है कि बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की कुछ वर्ष पहले जो वेबसाइट बनी थी उसको अपडेट कर ऑनलाइन प्रसाद के लिए नया फीचर डाला गया है। इसमें 1100 रुपए का एक पैकेज तैयार किया जाएगा जिसमें श्रद्धालु वेबसाइट के माध्यम से रोट, पवित्र जल, अखंड धूनी की विभूति, चांदी की सिंघी, धूप, सिंदूर, चरणपादुकाएं इत्यादि घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। जो श्रद्धालु किसी कारणवश दियोटसिद्ध नहीं पहुंच पाते वे घर बैठे मंदिर का विशेष प्रसाद मंगवा सकेंगे। मंदिर ट्रस्ट इस योजना को इंडिया पोस्ट के माध्यम से लागू करेगा, जिससे देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं तक भी बाबा का प्रसाद पहुंच सकेगा। टेंपल ऑफिसर राजेश शर्मा की मानें तो इंडिया पोस्ट के अधिकारियों के साथ भी इस संबंध में चर्चा हो चुकी है। 
दियोटसिद्ध में रोट प्रसाद की 35 दुकानें दियोटसिद्ध में मौजूदा समय में रोट प्रसाद की लगभग 35 दुकानें हैं इनमें दस ऊपर वाली मार्केट में जबकि 25 निचली मार्केट में हैं। नॉर्मल रोट 10-20 रुपए से मिलना शुरू हो जाता है। देसी घी का बना रोट 25 से 30 रुपए में मिलता है। जब ऑनलाइन प्रोसेस के लिए टेंडर हो जाएगा, तो इसका एक फिक्स प्राइज तय होगा। बाबा बालक नाथ के हिमाचल-पंजाब के अलावा कई अन्य राज्यों के साथ विदेशों में भी करोड़ों श्रद्धालु हैं। हर वर्ष चैत्र मास के मेलों में ही लाखों श्रद्धालु बाबा के दरबार में शीश नवाने पहुंचते हैं। पूरे वर्ष में श्रद्धालुओं की संख्या लगभग एक करोड़ तक पहुंच जाती है।

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