उपायुक्त शिमला की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित, बैठक में 18 करोड़ के 05 प्रस्तावों को दी मंज़ूरी 

जिला में  राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड  के तहत उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में लगभग 118 करोड़ रूपए के 5 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई

Apr 10, 2026 - 16:47
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उपायुक्त शिमला की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित, बैठक में 18 करोड़ के 05 प्रस्तावों को दी मंज़ूरी 

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    10-04-2026

जिला में  राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड  के तहत उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में लगभग 118 करोड़ रूपए के 5 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें रामपुर वार्ड नंबर 1 के कल्याणपुर नाले के चैनेलाइजेशन के लिए  3 करोड़ 21 लाख 34 हजार रुपए की डीपीआर बनाई गई है।  

इसके अतिरिक्त 9 करोड़ 05 लाख रुपए सुन्नी शिमला मार्ग के सुदृढ़ीकरण, सैंज चौपाल में  भूस्खलन प्रभावित  सड़क  के जीर्णोद्धार  के लिए 10 करोड़ 42 लाख रुपए, चौपाल में खागना  सड़क में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के लिए 4 करोड़ 90 लाख रुपए और शिमला शहर में 90 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कार्य करवाया जाएगा।

उपायुक्त ने बताया कि सभी प्रस्तावों को राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा । उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। आपदा की वजह से जिन क्षेत्रों में खतरा बना हुआ है, उनके लिए राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड के माध्यम से भविष्य के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए है।

राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड का उद्देश्य प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं के प्रभाव को कम करना और पूर्व तैयारी को मजबूत बनाना है। बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, आग और बादल फटने जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए इस फंड का उपयोग किया जाता है। इस फंड का मुख्य लक्ष्य जोखिम को कम करना और सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। 

इसके अंतर्गत भूस्खलन रोकने के उपाय, नदियों के किनारे तटबंध निर्माण, जल निकासी सुधार और सुरक्षित भवन निर्माण जैसे कार्य किए जाते हैं। इससे आपदा के समय नुकसान कम होता है और लोगों की सुरक्षा बढ़ती है। इसके अलावा, यह फंड जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी खर्च किया जाता है। 

स्कूलों, पंचायतों और स्थानीय स्तर पर मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं, ताकि लोग आपदा के समय सही निर्णय ले सकें। अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से समय रहते लोगों को सचेत भी किया जाता है।

इस फंड का संचालन जिला प्रशासन द्वारा, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के माध्यम से किया जाता है। इस प्रकार, यह फंड आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाकर समाज को सुरक्षित और सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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