हिमाचल में चिन्हित ईको टूरिज्म साइट्स के आबंटन की प्रक्रिया एक मर्तबा फिर होगी आरंभ
हिमाचल में चिन्हित ईको टूरिज्म साइट्स के आबंटन की प्रक्रिया एक मर्तबा फिर आरंभ होगी। वन विभाग ने राज्य के वनमंडलाधिकारियों से साइट्स को लेकर प्रस्ताव मांगे है। प्रदेश मुख्यालय प्रस्ताव मिलने के उपरांत इन्हें मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 10-04-2026
हिमाचल में चिन्हित ईको टूरिज्म साइट्स के आबंटन की प्रक्रिया एक मर्तबा फिर आरंभ होगी। वन विभाग ने राज्य के वनमंडलाधिकारियों से साइट्स को लेकर प्रस्ताव मांगे है। प्रदेश मुख्यालय प्रस्ताव मिलने के उपरांत इन्हें मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। इसके उपरांत इनके आबंटन को लेकर आगामी प्रक्रिया शुरू होगी।
विभाग इसी माह इस पूरी प्रक्रिया को निपटाएगा। जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ईको टूरिज्म साइट्स डिवेलप की हैं। इन साइट्स को बेरोजगारों को आबंटित कर घर-द्वार रोजगार के साधन मुहैया करवाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, ग्रामीण उत्पाद भी इनके माध्यम से पर्यटकों को मुहैया करवाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण आर्थिकी को भी बढ़ावा मिल रहा है।
उधर, राज्य सरकार ने एक मर्तबा फिर ईको टूरिज्म साइट्स के आबंटन की प्रक्रिया इसी माह आरंभ करने जा रहा है। इसके लिए वन विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में चिन्हित साइट्स के आबंटन को लेकर प्रस्ताव मांगे हैं।
इसके लिए प्रदेश मुख्यालय की ओर से वन मंडल अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हंै। विभाग का कहना है कि साइट्स को आबंटन करने से पहले मामला प्रदेश सरकार की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के उपरांत विभाग इनके आबंटन के लिए टेंडर करेगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 18 ईको टूरिज्म साइट्स को चार चरणों में आबंटित किया जा चुका है।
इसके तहत पहले चरण में दो, दूसरे में पांच, तीसरे में तीन और चौथे के तहत आठ साइट्स आबंटित की है। विभाग अब पांचवें चरण में इन्हें आबंटित करने जा रहा है। उधर, प्रिंसीपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट डा. संजय सूद का कहना है कि प्रदेश में ईको टूरिज्म साइट्स को पांचवें चरण में आबंटित करने जा रहा है।
उनका कहना है कि चिन्हित साइट्स को लेकर वन मंडल अधिकारियों को प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। इनके आने के बाद रेकमंड साइट्स के आबंटन हेतु मामला मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। अनुमति मिलने के उपरांत इनके आबंटन के लिए विभाग टेंडर प्रक्रिया आरंभ करेगा।
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