उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को दिलाई शपथ
उद्योग, संसदीय कार्य एवं श्रम रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज जिला सिरमौर के नाहन चौगान में नवनिर्वाचित पंचायत प्रधान व उप-प्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह की अध्यक्षता करते हुए जिला के समस्त 273 प्रधान तथा 273 उप-प्रधानों को विधिवत रूप से पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाकर पंचायती
उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण विकास की अधिकतर योजनाएं पंचायतों के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है और इन योजनाओं के तहत करोड़ों रूपये की धनराशि पंचायतों को प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का उचित प्रबन्धन तथा कार्यान्वयन सुनिश्चित करना पंचायत प्रतिनिधियों की अहम जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि 16वें वित्तायोग के तहत सिरमौर जिला में पंचायती राज संस्थाओं के लिए वित वर्ष 2026-27 सहित आगामी पांच वर्ष में कुल 226.22 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त होगी, जिसमें से इस वित्तीय वर्ष में 36.32 करोड़ रूपये जारी किये जाएगें।
उद्योग मंत्री ने कहा कि 16वें वित्तायोग के तहत ग्राम पचांयतों को 374 करोड़ रूपये प्रदर्शन अनुदान (Performance Grant) प्रदान करने का भी प्रावधान किया गया है। यह प्रदर्शन अनुदान उन पंचायतों को प्रदान की जाएगी जो पंचायतें अपनी आय के संसाधनों में 1200 रूपये प्रति परिवार की दर से बढ़ोतरी करेगी। उन्होंने कहा कि आज पंचायतों में डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। पंचायत की प्रत्येक सेवा ऑनलाइन माध्यम से आम जनता को प्रदान की जा रही है। पंचायत के रिकॉर्ड तथा लेखों का संधारण विभिन्न एपों के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से डिजिटल तकनीक का अधिक से अधिक प्रयोग करने और पंचायत कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आवाहन किया।
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार सहन नहीं करेगी। सरकार अच्छे कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित करेगी और जो भ्रष्टाचार में संलिप्त होगें उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में सरकार द्वारा बेहतर कार्य करने वाले प्रतिनिधियों के लिए राज्य से बाहर तथा राज्य के भीतर एक्सपोज़र विज़िट का भी आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायती राज संस्थाओं को स्थानीय, शासन की एक अहम इकाई मानती है और इनको सुदृढ़ करने के लिए कृत संकल्प है। पंचायत घरों के निर्माण हेतु धनराशि को 89 लाख प्रति पंचायत से बढ़ाकर अब 1.14 करोड़ प्रति पंचायत दिया जा रहा है तथा पंचायत घरों के निर्माण व अपवर्धन हेतु गत तीन वर्षों में 112.85 करोड रूपये व्यय किए गए।
उन्होंने कहा कि इस बार पंचायती राज के चुनाव में प्रदेश में 137 पंचायते निर्विरोध निर्वाचित हुई है तथा सरकार द्वारा ऐसी पंचायतों को 25 लाख रूपये प्रति पंचायत की दर से ईनाम देने की घोषणा की गई है। पूर्व में यह राशि 10 लाख प्रति पंचायत थी।
उद्योग मंत्री ने सभी पंचायत प्रधानों व उप-प्रधानों से आवाहन करते हुए कहा कि आप अपनी प्राथमिकता में पेयजल, स्वच्छता, नशा निवारण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, पंचायत की आय वृद्धि इत्यादि विषयों को शामिल करें तथा इन्हें पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार, पंचायत समिति तथा जिला परिषद से समन्वय स्थापित करें।
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