हिमाचल सरकार ने डाबर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट पर किए हस्ताक्षर  

डाबर कंपनी हिमाचल प्रदेश के किसानों को 12 लाख औषधीय पौधे हर साल देगी। इनमें अलग-अलग प्रजाति के एक-एक लाख पौधे होंगे। यह पौधे आगामी दस साल तक दिए जाते रहेंगे

Feb 25, 2026 - 15:45
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हिमाचल सरकार ने डाबर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट पर किए हस्ताक्षर  

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    25-02-2026

डाबर कंपनी हिमाचल प्रदेश के किसानों को 12 लाख औषधीय पौधे हर साल देगी। इनमें अलग-अलग प्रजाति के एक-एक लाख पौधे होंगे। यह पौधे आगामी दस साल तक दिए जाते रहेंगे। सरकार ने डाबर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) पर हस्ताक्षर किए। 

इसे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में मैसर्ज डाबर इंडिया लिमिटेड और मैसर्ज करण सिंह वैध सोलन के साथ साइन किया गया।मंगलवार को राज्य सचिवालय में हुए इस समझौते के अनुसार मैसर्ज डाबर इंडिया लिमिटेड प्रदेश को दस साल में कुल एक करोड़ 20 लाख पौधे देगा। यह पौधे 10 साल तक कम से कम 10 लाख प्रति प्रजाति दिए जाएंगे। इन्हें किसानों को मुफ्त दिया जाएगा। इन पौधों को प्रदेश के पारिस्थितिकीय संतुलन को देखते हुए चयनित किया जाएगा। इससे ग्रीन कवर बढ़ेगा और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी।

हल्दी, अश्वगंधा, तुलसी के पौधे सोलन में उगाने का अलग समझौता : सोलन स्थित मैसर्स करण सिंह वैद्य के साथ हस्ताक्षरित दूसरे समझौता ज्ञापन (एमओए) के तहत पांच वर्षों की अवधि के लिए सोलन जिले में चुनिंदा औषधीय पौधों की खेती, संरक्षण और मूल्य श्रृंखला विकास को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है। 

इस समझौते के अंतर्गत छह प्राथमिकता प्राप्त प्रजातियों - हल्दी, अश्वगंधा, शतावरी, तुलसी, चिरायता और हिमालयन जेंटियन की खेती आसपास की पंचायतों को लक्षित करते हुए की जाएगी। प्रारंभिक चरण में, 108 बीघा से अधिक भूमि पर कम से कम 225 महिला किसानों को शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भी बढ़ावा दे रही है। इस वर्ष अप्रैल तक एचआरटीसी के बेड़े में लगभग 300 नई ई-बसें शामिल की जाएंगी। विभिन्न सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। 

38,000 टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।  हिमाचल प्रदेश को 31 मार्च 2026 तक ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसे आगे बढ़ाना होगा। राज्य में 2032 तक समृद्धशाली राज्य बनाने की तैयारी है।

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