हिमाचल में वार्डों के पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आरक्षण रोस्टर पर माथापच्ची शुरू
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। वार्डों के पुनर्सीमांकन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आरक्षण रोस्टर पर माथापच्ची शुरू
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 23-03-2023
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। वार्डों के पुनर्सीमांकन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आरक्षण रोस्टर पर माथापच्ची शुरू हो गई है। पंचायतीराज विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी करते हुए 25 मार्च तक आरक्षण रोस्टर जारी करने को कहा है।
हालांकि, सरकार ने दो कार्यकाल से आरक्षित सीटों को इस बार ओपन करने का फैसला लिया है। इसमें सरकारी कोटे का ध्यान रखा जाएगा। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि रोस्टर तय करने के लिए एक तय फार्मूला उपायुक्तों को भेजा गया है, जिसके आधार पर ही पंचायतों और शहरी निकायों में सीटों का आरक्षण निर्धारित किया जाएगा।
इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का निर्धारण जनसंख्या और निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। वार्डों के पुनर्गठन के चलते कई पंचायतों और नगर निकायों में वार्डों की सीमाएं बदली हैं, जिससे रोस्टर तय करना इस बार अधिक जटिल हो गया है।
कई स्थानों पर नए वार्ड बने हैं। ऐसे में प्रशासन को पुराने और नए आंकड़ों का संतुलन बैठाते हुए आरक्षण तय करना पड़ रहा है।पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों के अनुसार रोस्टर प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बाद ही राज्य निर्वाचन आयोग को अंतिम दस्तावेज सौंपे जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत यह पूरी प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी करनी अनिवार्य है।
प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव 31 मई से पहले कराए जाने प्रस्तावित हैं। अप्रैल माह में मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन और चुनाव अधिसूचना जारी होने की संभावना है। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वार्डों का पुनर्सीमांकन का काम पूरा हो गया है। अब उपायुक्तों की ओर से पंचायत चुनाव के लिए रोस्टर जारी किया
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