हिमाचल में 5वीं और 8वीं कक्षा में ई ग्रेड हासिल करने वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में बैठने का नहीं मिला मौका
हिमाचल प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2024-25 की नॉन बोर्ड कक्षाओं का परीक्षा परिणाम शनिवार को डिटेंशन पॉलिसी के तहत घोषित किया गया। प्रदेश भर में वर्ष 2009 में डिटेंशन पॉलिसी लागू हुई

यंगवार्ता न्यूज़ - धर्मशाला 30-03-2025
हिमाचल प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2024-25 की नॉन बोर्ड कक्षाओं का परीक्षा परिणाम शनिवार को डिटेंशन पॉलिसी के तहत घोषित किया गया। प्रदेश भर में वर्ष 2009 में डिटेंशन पॉलिसी लागू हुई। इसके बाद अब 16 साल बाद 5वीं और 8वीं कक्षा में ई ग्रेड हासिल करने वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में बैठने का मौका नहीं मिला है। रिजल्ट निकलते ही प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने ई ग्रेड वालों की रिपोर्ट मांग ली है।
अंग्रेजी-गणित और विज्ञान विषय में ई ग्रेड हासिल करने वाले विद्यार्थियों पर यह पॉलिसी लागू हुई है। इसके तहत ई-ग्रेड हासिल करने वाले विद्यार्थियों की अब दो माह बाद फिर से परीक्षाएं होंगे। इन परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए इन विद्यार्थियों की स्कूलों में ही विशेष कक्षाएं लगेंगी। उन्हें ई ग्रेड से बाहर निकलना होगा। इसके बाद उन्हें अगली कक्षाओं में बैठने का मौका मिलेगा।
देश के कई प्रदेशों की तरह हिमाचल प्रदेश में भी राइट टू एजुकेशन अधिनियम-2009 के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को परीक्षा में फेल नहीं किया जाता था। पढ़ाई में कमजोर बच्चों को अगली कक्षा में दाखिल कर दिया जाता था। इस व्यवस्था के चलते नवीं में फेल होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ जाती थी।
इसके अलावा आठवीं तक पास और फेल की व्यवस्था न होने से उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कई छात्र पिछड़ रहे थे। इसी कमी को दूर करने के लिए प्रदेश में इस नीति को लागू किया गया है। 2024 में इस पॉलिसी में बदलाव किया। स्कूलों में पांचवीं और आठवीं में अंग्रेजी, गणित और विज्ञान में ई ग्रेड वाले विद्यार्थियों को दो माह के भीतर विशेष परीक्षा लेने की बात की गई। इसके लिए इन विद्यार्थियों की विशेष कक्षाएं होंगी। उन्हें दो माह बाद होने वाली परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि वे ई-ग्रेड से बाहर निकल आएं।
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