प्रदेश के 10 जिलों की 291 योजनाओं में लगाए जाएंगे सेंसर,इससे रियल टाइम पानी आपूर्ति की होगी निगरानी  ; सीएम

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पीने का पानी लोगों के घरों तक पहुंचा या नहीं, अब इसकी जानकारी सेंसर देंगे। प्रदेश के 10 जिलों की 291 योजनाओं में यह सेंसर लगाए जाएंगे। इससे रियल टाइम पानी की आपूर्ति की निगरानी होगी

Jun 15, 2025 - 12:14
Jun 15, 2025 - 12:58
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प्रदेश के 10 जिलों की 291 योजनाओं में लगाए जाएंगे सेंसर,इससे रियल टाइम पानी आपूर्ति की होगी निगरानी  ; सीएम
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     15-06-2025

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पीने का पानी लोगों के घरों तक पहुंचा या नहीं, अब इसकी जानकारी सेंसर देंगे। प्रदेश के 10 जिलों की 291 योजनाओं में यह सेंसर लगाए जाएंगे। इससे रियल टाइम पानी की आपूर्ति की निगरानी होगी। 

यह प्रणाली किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में लगाई जाएगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि पेयजल की शुद्धता की जांच के लिए राज्यस्तरीय और 14 जिलास्तरीय एनएबीएल-मान्यता प्राप्त जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी। अब तक राज्य में कुल 71 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं हैं।

शनिवार को शिमला से जारी बयान में सुक्खू ने कहा कि हर जिले के एक क्षेत्र को सप्ताह भर चौबीस घंटे पेयजल आपूर्ति प्रणाली के तहत चिह्नित करेंगे। रामपुर, चंबा में भूमिगत जलापूर्ति योजना, नालागढ़, घुमारवीं और नादौन में उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना के कार्य प्रगति पर हैं। 23 शहरों में जलापूर्ति योजनाओं के उन्नयन कार्य चल रहे हैं। 

इस वित्त वर्ष में 9 परियोजनाओं के कार्य शुरू किए जाएंगे। नेरवा, चिड़गांव, कंडाघाट और टाहलीवाल की पेयजल परियोजनाओं का उन्नयन होगा। बर्फ वाले जनजातीय क्षेत्रों में एंटी फ्रीज पाइप लगेंगे। राज्य सरकार ने प्रथम चरण में 80 करोड़ रुपये के व्यय के साथ मुख्यमंत्री स्वच्छ जल शोधन योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। 

इससे ओजोनेशन, यूवी फिल्टरेशन, आरओ और नैनो फिल्टरेशन जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल कर जल शोधन से लोगों को स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे जल जनित बीमारियों में कमी आएगी और जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा। 

इस वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में लाहौल स्पीति  के लिए 27 करोड़ रुपये की लागत से 20 पेयजल आपूर्ति योजनाओं और किन्नौर जिला में 72 करोड़ रुपये की लागत से 6 पेयजल आपूर्ति योजनाओं का काम शुरू किया जाएगा। इन पेयजल योजनाओं में एंटी फ्रीज पाइप का प्रयोग किया जाएगा।

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