उद्योगों में ईंधन की किल्लत और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल से 30 प्रतिशत तक गिरा उत्पादन
मध्य-पूर्व में चल रहे ईरान, इस्राइल और अमेरिका के युद्ध का असर अब ऊना तक पहुंच गया है। ईंधन की किल्लत और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल से उद्योगों का उत्पादन 30 प्रतिशत तक गिर गया
यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना 06-04-2026
मध्य-पूर्व में चल रहे ईरान, इस्राइल और अमेरिका के युद्ध का असर अब ऊना तक पहुंच गया है। ईंधन की किल्लत और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल से उद्योगों का उत्पादन 30 प्रतिशत तक गिर गया है, जबकि पैकिंग सामग्री पचास प्रतिशत तक महंगी हो गई है। ऊना जिले के औद्योगिक क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
पेटकोक, लाइट डीजल ऑयल (एलडीओ) और गैस की सप्लाई में आई कमी ने उद्योगों की रफ्तार रोक दी है। कई इकाइयों में बॉयलर तक पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे, इससे उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
जिले में स्थापित करीब 500 उद्योग हैं। इनमें खाद्य, फार्मा, लोहा, प्लास्टिक और अन्य उत्पाद बनाने वाली इकाइयां शामिल हैं। ये सभी युद्ध के संकट से जूझ रही हैं। उद्योगपतियों के अनुसार यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो उत्पादन में और गिरावट तय है। दूसरी ओर, पैकिंग सामग्री के दामों में आई तेज बढ़ोतरी ने लागत का संतुलन बिगाड़ दिया है।
पेट्रोकेमिकल आधारित कच्चे माल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि होने से तैयार उत्पाद महंगे हो गए हैं। इसका सीधा असर बाजार सप्लाई और ऑर्डर पूर्ति पर पड़ रहा है।
उद्योगों के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर उत्पादन घट रहा है, दूसरी ओर लागत बढ़ रही है। ऐसे में समय पर ऑर्डर पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है, जिससे व्यापारिक संबंधों पर भी असर पड़ने का खतरा है।
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