सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को ओबीसी का मुख्यालय शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने की दी अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का मुख्यालय शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने इस मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए अंतरिम स्थगन आदेश को रद्द कर दिया
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 10-02-2026
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का मुख्यालय शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने इस मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए अंतरिम स्थगन आदेश को रद्द कर दिया और कहा कि किसी संस्थान का मुख्यालय स्थानांतरित करना सरकार का नीतिगत निर्णय है, जिसमें न्यायालय का हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला न्यायिक समीक्षा के दायरे में नहीं आता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक किसी प्रशासनिक निर्णय से मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन नहीं होता, तब तक न्यायपालिका को ऐसे नीतिगत फैसलों में हस्तक्षेप से बचना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यह समझ से परे है कि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार का जवाब दाखिल होने से पहले ही स्थानांतरण के फैसले पर रोक क्यों लगा दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि मुख्यालय का स्थान बदलना प्रशासनिक और नीतिगत विषय है और ऐसे मामलों में न्यूनतम न्यायिक दखल ही उचित है।
अदालत ने हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को रद्द करते हुए राज्य सरकार को धर्मशाला या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर आयोग का मुख्यालय स्थानांतरित करने की स्वतंत्रता दे दी। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अनुमति मामले की अंतिम सुनवाई के निर्णय के अधीन रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के इस तर्क से सहमति जताते हुए कहा कि न्याय और शिकायत निवारण से जुड़े संस्थान आम नागरिकों के नजदीक होने चाहिए, जिससे लोगों को सुविधा मिल सके।
जनहित याचिका में यह भी उल्लेख किया गया था कि आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति 3 दिसंबर 2025 को और अन्य सदस्यों की नियुक्ति 23 दिसंबर को हुई थी। इसके अगले ही दिन यानी 24 दिसंबर को मुख्यालय स्थानांतरित करने का प्रस्ताव सामने आया था, जिस पर आपत्ति जताई गई थी। प्रस्ताव में यह भी कहा गया था कि धर्मशाला मुख्य कार्यालय होगा और शिमला कार्यालय कैंप ऑफिस के रूप में जारी रहेगा।
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