आंतरिक अंतर्कलह से जूझ रहे सुक्खू मेडिकल कॉलेज पर बोल रहे झूठ , रणधीर शर्मा बोले , कमजोर है सीएम का सामान्य ज्ञान

श्री नैना देवी विधानसभा से विधायक वि मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने जारी प्रेस बयान में कहा कि सर्वविदित है कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भाजपा की देन है। मगर या तो मुख्यमंत्री सुक्खू की याददाश्त कमजोर है या फिर उन्हें भाजपा के किए कामों की क्रेडिट लेने की बीमारी लग गई है। आज सुक्खू गली-गली घूम  कर मेडिकल कॉलेज पर सिर्फ़ झूठ बोल रहे हैं। 2.5 वर्षों के शासन में मुख्यमंत्री जी जनता के लिए कुछ नहीं कर पाए , अपनी एक भी गारंटी पूरी नहीं कर पाए तो जन आक्रोश से बचने के लिए भाजपा के कार्यों को अपना बताकर बेचना चाह रहे हैं

Nov 9, 2025 - 19:05
Nov 9, 2025 - 19:24
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आंतरिक अंतर्कलह से जूझ रहे सुक्खू मेडिकल कॉलेज पर बोल रहे झूठ , रणधीर शर्मा बोले , कमजोर है सीएम का सामान्य ज्ञान
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - बिलासपुर  09-11-2025
श्री नैना देवी विधानसभा से विधायक वि मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने जारी प्रेस बयान में कहा कि सर्वविदित है कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भाजपा की देन है। मगर या तो मुख्यमंत्री सुक्खू की याददाश्त कमजोर है या फिर उन्हें भाजपा के किए कामों की क्रेडिट लेने की बीमारी लग गई है। आज सुक्खू गली-गली घूम  कर मेडिकल कॉलेज पर सिर्फ़ झूठ बोल रहे हैं। 2.5 वर्षों के शासन में मुख्यमंत्री जी जनता के लिए कुछ नहीं कर पाए , अपनी एक भी गारंटी पूरी नहीं कर पाए तो जन आक्रोश से बचने के लिए भाजपा के कार्यों को अपना बताकर बेचना चाह रहे हैं। अच्छा होगा अगर मुख्यमंत्री दूसरे के काम चुराने से ज्यादा अपनी सरकार के कार्यों पर ध्यान दें क्योंकि ये पब्लिक है, सब जानती है। 
रणधीर शर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में हिमाचल के हित में अनेकों सौग़ातें दीं है। जबकि हिमाचल की कांग्रेस सरकार को सदा केंद्र सरकार के दिए परियोजनाओं में पहले तो अड़ंगा डालने व फिर भाजपा के किए कार्यों को अपना बताने की बीमारी है। हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार से जोलसप्पड़ में मेडिकल कॉलेज की मंज़ूरी करवाई, जमीन भी भाजपा ने  उपलब्ध कराई, शिलान्यास भी भाजपा नेताओं ने  किया, निर्माण कार्य भी भाजपा ने ही शुरू कराया और इसका उद्घाटन भी हम ही करेंगे। मगर मुख्यमंत्री को मेडिकल कॉलेज पर अपना सामान्य ज्ञान ठीक करने की ज़रूरत है। सुक्खू की को झूठ बोलने की बीमारी लग चुकी है और इसलिए वो गली-गली मेडिकल कॉलेज का रोना रो रहे हैं। रणधीर शर्मा ने आगे हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की घोषणा से लेकर बनने और उद्घाटन तक का संपूर्ण विवरण देते हुए बताया , मैं सुक्खू जी की याददाश्त दुरुस्त करते हुए बताना चाहूंगा कि 1 मार्च 2014 को जोनल अस्पताल मंडी में 100 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु ब्लॉक (17 करोड़ रुपये की लागत) की आधारशिला रखते हुए। 
तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने हिमाचल प्रदेश के लिए दो मेडिकल कॉलेजों (चंबा और नाहन) के साथ-साथ दो ट्रॉमा सेंटर और एक बर्न सेंटर के स्थापन कि घोषणा की। इस घोषणा का उद्देश्य पूर्णतः 2014 के लोकसभा चुनावों को प्रभावित करना था क्योंकि इसमें किसी भी तरह का बजटीय प्रावधान नहीं था। इसके अतिरिक्त उन्होंने उस समय खराब मौसम के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से टांडा मेडिकल कॉलेज के आधे-अधूरे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ब्लॉक का उद्घाटन किया था। उसमें भी हमीरपुर मेडिकल कॉलेज का कोई उल्लेख नहीं था। रणधीर शर्मा ने बताया कि 5 मार्च 2014 को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया गया। उसी दिन, भारत के चुनाव आयोग ने लोकसभा के लिए आम चुनावों कि घोषणा कर दी , जिससे आदर्श आचार संहिता लागू हो गई तो ऐसे में इस मंत्रिमंडल की बैठक और एमओयू का कोई मतलब नहीं रह गया। चुनाव के बाद एनडीए सरकार बनने के बाद यूपीए सरकार के पास आगे कोई ठोस कदम उठाने का मौका नहीं रह गया था। नतीजतन, इन दो मेडिकल कॉलेजों की घोषणा का विषय भी मेरे द्वारा उठाए जाने तक अधूरी ही रह गई थी। 
रणधीर शर्मा ने आगे बताया कि हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने तब विभिन्न स्तरों पर व्यक्तिगत मुलाक़ातों और पत्राचार के माध्यम से स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय जो की नड्डा जी के अधीन था , के साथ इस मामले को सक्रिय रूप से उठाया और काफी प्रयासों के बाद न केवल चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेजों के लिए धन जारी हुआ, बल्कि चरणबद्ध उद्घाटन के लिए निर्धारित 157 नए मेडिकल कॉलेजों की सूची में डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर को भी सफलतापूर्वक शामिल कराया। रणधीर शर्मा ने बताया कि 1 मार्च 2014 से अब तक सुक्खू मेडिकल कॉलेज के नाम सिर्फ़ गुमराह कर रहे हैं। मोदी सरकार में जब जेपी नड्डा जी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री थे तब 2015 में हम लोगों ने जोलसप्पड़ में मेडिकल कॉलेज स्वीकृत करवाकर 174 करोड़ का बजट देकर इस प्रोजेक्ट को शुरू करवाया। 2015 में केंद्र से स्वीकृति के बावजूद 2.5 साल तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस सरकार ने इस प्रोजेक्ट को लटकाए रखा , जमीन तक नहीं दी। 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन दी। 
वर्तमान स्थल पर भूमि सुरक्षित करने और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से मंजूरी प्राप्त करने के बाद 6 जून, 2018 को डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की आधारशिला कार्यक्रम तत्कालीन मुख्यमंत्री  जयराम ठाकुर तब के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा जी व अनुराग सिंह ठाकुर की गरिमायी उपस्थिति में संपन्न हुआ। आज भारत सरकार ने मूल परियोजना लागत (189 करोड़ रुपये) का अपना पूरा हिस्सा (90%) जारी कर दिया है, जो कि ₹170.10 करोड़ है। इसके साथ ही भाजपा ने चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेजों के लिए भी समान धन आवंटन सुनिश्चित किया जैसा कि स्वास्थ्य मंत्रालय की 24 अक्टूबर, 2021 की प्रेस विज्ञप्ति से पता चलता है। इस विज्ञप्ति में 157 मेडिकल कॉलेजों के लिए लगभग 17691.08 करोड़ रुपये का आवंटन होने की पूरी जानकारी थी जिससे प्रति कॉलेज ₹189 करोड़ का आवंटन हुआ। शैक्षणिक सत्र 2018-19 से 120 एमबीबीएस सीटों की प्रवेश क्षमता के साथ ये मेडिकल कॉलेज कार्यात्मक है। रणधीर शर्मा ने अंत में बताया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन के लिए सीएसएस के तहत मेडिकल कॉलेजों में यूजी सीटें बढ़ाने के लिए डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज में  23.1.2023 को 24 करोड़ कि मंजूर राशि से 20 ईडब्ल्यूएस एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दी गई। 

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