यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 05-08-2026
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के मौके पर देशभर के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी शिक्षक दिवस मनाया गया। इस दौरान शिमला लोक भवन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल कवींद्र गुप्ता बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए। इस दौरान राज्यपाल ने प्रदेश भर से राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए नामित 32 शिक्षकों को पुरस्कारों से अलंकृत किया। इस मौके पर प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी समेत कई गणमान्यों ने शिरकत की।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल कवींद्र गुप्ता और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों के साथ प्रदेश भर को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि आज सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जन्म जयंती है और उन्हीं के कारण आज देश को शिक्षक दिवस मनाने का मौका मिल रहा है। राज्यपाल ने कहा कि इस मौके पर प्रदेश और केंद्र सरकार ने जिन शिक्षकों को पुरस्कृत किया है, वे सभी बधाई के पात्र हैं। राज्यपाल ने उम्मीद जताते हुए कहा कि ये शिक्षक अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगे। राज्यपाल ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को नई शिक्षा नीति के माध्यम से नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में मजबूत करने की आवश्यकता है और इसमें शिक्षक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
वहीं, राज्य शिक्षक पुरस्कार चयन को लेकर उठाए गए सवालों को लेकर भेजे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार की ओर से बताया गया है कि चयन प्रक्रिया तीन अलग-अलग चैनलों से हुई है। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि चयनकर्ताओं ने भी अपनी भूमिका भली-भांति निभाई होगी। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने भी सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई दी। साथ ही प्रदेश में धरने पर बैठे शिक्षकों को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों का मामला उनके संज्ञान में है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मामले में पहले भी राज्य सरकार की ओर से स्पष्टीकरण दे दिया गया है। शिक्षकों के कुछ संशय थे, उनको दूर किया गया है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद इस मामले को देख रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि धरने पर चल रहे शिक्षकों को वार्ता के लिए बुलाया जाएगा। वहीं, प्रदेश में सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा को विकसित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 147 विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से एफिलिएटेड किया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश शिक्षा बोर्ड की गणना भी प्रदेश के अच्छे शिक्षा बोर्ड में की जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और राज्य के सरकारी स्कूलों से हो रहे पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी।