रमेश पहाड़िया - नाहन 15-09-2026
“दुश्मनी लाख सही , ख़त्म न कीजिए रिश्ता , दिल मिले या न मिले हाथ मिलाते रहिए” ये पंक्तियां बुधवार को भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच नजर आए राजनीतिक माहौल पर सटीक बैठती दिखाई दीं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तीन दिवसीय सिरमौर प्रवास पर हैं। उनके प्रवास के दौरान भाजपा के भीतर नेताओं के बीच कथित खींचतान और दूरी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। बुधवार सुबह जयराम ठाकुर ने सराहा में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसके बाद वह जिला मुख्यालय नाहन पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नाहन में कार्यक्रम के दौरान जयराम ठाकुर और डॉ. राजीव बिंदल के बीच मुलाकात और हाथ मिलाने का दृश्य भी देखने को मिला , मगर दिल की दूरिया साफ़ नजर आई। राजनीतिक हलकों में चर्चा इस बात को लेकर रही कि दोनों नेताओं के बीच पहले जैसी सहजता नजर नहीं आई। भले ही सार्वजनिक मंच पर दोनों नेताओं ने पार्टी संगठन की गतिविधियों और कार्यकर्ताओं को लेकर अपनी बात रखी। जयराम ठाकुर के सिरमौर प्रवास के दौरान एक ओर बात ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी। आमतौर पर बड़े भाजपा नेताओं के सिरमौर दौरे के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल मीडिया से संवाद करते रहे हैं। लेकिन इस बार नाहन में जयराम ठाकुर के कार्यक्रम के बाद कोई अलग मीडिया ब्रीफिंग नहीं हुई।
इसके अलावा जयराम ठाकुर भी अपने प्रवास के दौरान मीडिया से अपेक्षाकृत दूरी बनाए नजर आए। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या ! भाजपा के भीतर नेताओं के बीच सब कुछ सामान्य है या फिर संगठन के अंदर कहीं न कहीं मतभेद की स्थिति बनी हुई है? भाजपा नेताओं में गुटबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की सराहा में जयराम ठाकुर के कार्यक्रम से भाजपा अध्यक्ष ने दूरी बनाई , वहीं पच्छाद की एमएलए रीना कश्यप ने भी जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम से दूर रही। बताते है की सिरमौर भाजपा दो गुटों में बंटी हुई है।
सिरमौर प्रवास के दौरान शिलाई के पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर जयराम ठाकुर के साथ साये की तरह नजर आए। वहीं पार्टी के अन्य नेताओं की मौजूदगी के बावजूद कार्यक्रम में नेताओं के बीच आपसी दूरी को लेकर चर्चाएं होती रहीं। हालांकि, केवल मीडिया ब्रीफिंग नहीं होने या मंच पर नेताओं के व्यवहार के आधार पर किसी राजनीतिक मतभेद का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। भाजपा की ओर से दोनों नेताओं के बीच किसी विवाद या मतभेद को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जयराम ठाकुर का सिरमौर दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब प्रदेश भाजपा संगठन आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सक्रिय है। ऐसे में उनके दौरे के दौरान सामने आए राजनीतिक संकेतों पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय राजनीतिक हलकों की भी नजर बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में जयराम ठाकुर और डॉ. राजीव बिंदल सार्वजनिक मंचों पर किस तरह एकजुटता का संदेश देते हैं और सिरमौर भाजपा की राजनीति में दोनों नेताओं की भूमिका किस तरह सामने आती है।