यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 22-01-2026
शिमला के छोटा शिमला स्थित विशाल मेगामार्ट के बाहर सीटू से संबद्ध कर्मचारियों ने श्रम कानूनों को लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि मेगा मार्ट प्रबंधन न तो कर्मचारियों को आईडी कार्ड जारी कर रहा है और न ही ईपीएफ की सही व्यवस्था है। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए रेस्ट रूम और छुट्टियों का भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है।कर्मचारियों ने ऐलान किया कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ 12 फरवरी को देशभर में हड़ताल और धरना आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उस दिन विशाल मेगा मार्ट के कर्मचारी भी हड़ताल और धरने में भाग लेंगे। विजेंद्र मेहरा ने सरकार और श्रम विभाग से मांग की कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए श्रम कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रबंधन पर श्रम कानूनों की अवहेलना का आरोप लगाया। उन्होंने श्रम कार्यालय व प्रदेश सरकार की भूमिका पर भी प्रश्न खड़े किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार सचिवालय व प्रदेश के श्रमायुक्त कार्यालय के बिल्कुल नजदीक स्थित विशाल मेगा मार्ट स्टोर में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ रही हैं , परंतु ये दोनों मौन हैं।
उन्होंने प्रबंधन से मांग की है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए विशाल मेगा मार्ट में हाउसकीपिंग सहित कार्यरत सभी मजदूरों को एक अप्रैल 2026 से वेतन में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दी जाए। मजदूरों को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नत किया जाए व श्रेणी के अनुसार काम दिया जाए। मजदूरों को हर महीने सैलरी स्लिप दी जाए तथा हाउसकीपिंग में कार्यरत मजदूरों को भी प्रति माह सैलरी स्लिप दी जाए। जिन मजदूरों के ई.पी.एफ. में त्रुटियां हैं उन्हें तुरन्त ठीक किया जाए। सभी मजदूरों को श्रम विभाग द्वारा सत्यापित आई कार्ड दिए जाएं। मजदूरों के साथ हाउसकीपिंग के मजदूरों को बोनस एक्ट 1965 के अनुसार बोनस दिया जाए। हाउसकीपिंग सहित सभी मजदूरों को अतिरिक्त काम का अतिरिक्त भुगतान किया जाए।