मानसून 2026 से पूर्व आपदा प्रबंधन तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन शिमला सतर्क
जिला शिमला में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लगातार बढ़ी भारी वर्षा और मानसून जनित आपदाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को पूर्व तैयारी एवं आपदा प्रबंधन उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। जिला में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, सड़क धंसने, रिटेनिंग वाल गिरने तथा बिजली एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने जैसी घटनाओं के मद्देनजर विभागीय स्तर पर व्यापक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए है।
शिमला 16 मई, 2026 :
जिला शिमला में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लगातार बढ़ी भारी वर्षा और मानसून जनित आपदाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को पूर्व तैयारी एवं आपदा प्रबंधन उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। जिला में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, सड़क धंसने, रिटेनिंग वाल गिरने तथा बिजली एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने जैसी घटनाओं के मद्देनजर विभागीय स्तर पर व्यापक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए है।
जारी निर्देशों के अनुसार सभी विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील एवं आपदा संभावित स्थानों की पहचान करने को कहा गया है। इनमें भूस्खलन संभावित सड़कें, जलभराव वाले क्षेत्र, कमजोर सार्वजनिक ढांचे, पेयजल योजनाएं तथा दूरस्थ और संवेदनशील बस्तियां शामिल हैं। विभागों को इन क्षेत्रों का विस्तृत भेद्यता आकलन रिपोर्ट तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी विभागों को वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में आंतरिक मॉनिटरिंग समितियां गठित करने को कहा गया है, जो विभागीय तैयारियों की नियमित समीक्षा करेंगी तथा आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया एवं पुनर्बहाली कार्य सुनिश्चित करेंगी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), पुलिस, SDRF/NDRF और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभागों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को भारी वर्षा के दौरान सतर्क रहने, बहते पानी से दूर रहने, ढीले बिजली तारों से सावधान रहने तथा सुरक्षित यात्रा संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
निर्देशों के अनुसार कमांडेंट होम गार्ड्स द्वितीय एवं तृतीय बटालियन को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपलब्ध कराए गए उपकरणों (Equipment) की उचित जांच एवं परीक्षण सुनिश्चित करें, ताकि आपदा की स्थिति में उनका प्रभावी एवं सही ढंग से उपयोग किया जा सके। इसके साथ ही खंड विकास अधिकारियों (BDOs) को भी निर्देशित किया गया है कि पंचायत इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट योजना के तहत 219 पंचायतों में उपलब्ध करवाई गई आपदा राहत एवं बचाव किटों की नियमित देखरेख सुनिश्चित करें। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उक्त किटें आवश्यकता पड़ने पर आसानी से उपलब्ध (Accessible) हों तथा उनका समुचित रखरखाव (Maintenance) किया जाता रहे।
निर्देशों में नालियों और जल निकासी तंत्र की सफाई, रिटेनिंग वाल की मरम्मत, आवश्यक मशीनरी और आपदा राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सड़कों, पुलों, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने के आदेश भी दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त सभी एसडीएम को प्रशिक्षित आपदा मित्र एवं युवा स्वयंसेवकों का अद्यतन डाटाबेस तैयार रखने तथा मानसून से पूर्व बैठकें आयोजित करने को कहा गया है। वहीं विभिन्न विकास खंड अधिकारियों को पंचायत आपदा प्रतिक्रिया किटों की जांच कर उन्हें पूरी तरह कार्यशील बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून सीजन के चरम से पहले सभी विभाग आवश्यक तैयारियां पूर्ण करें ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं पुनर्बहाली कार्य सुनिश्चित किए जा सकें और जन-धन की हानि को न्यूनतम रखा जा सके।
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