यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन 13-04-2026
शहर की पर्यावरण संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पारंपरिक जल स्रोतों , तालाबों और बावड़ियों को बचाने और उनके संरक्षण पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में समिति के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि तेजी से बदलते शहरीकरण और उपेक्षा के कारण नाहन क्षेत्र के कई प्राचीन जल स्रोत सूखने की कगार पर हैं। इन जल स्रोतों का संरक्षण न केवल जल संकट को कम करने में सहायक होगा , बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को भी बचाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समिति ने नगर परिषद , प्रशासन और आम जनता से अपील की कि वे मिलकर इन जल स्रोतों की सफाई , मरम्मत और पुनर्जीवन के लिए आगे आएं। साथ ही अवैध अतिक्रमण और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जल्द ही एक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से लोगों को तालाबों और बावड़ियों के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। समिति के सदस्यों ने विश्वास जताया कि यदि सभी का सहयोग मिला तो नाहन के पारंपरिक जल स्रोतों को फिर से जीवित किया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है। इस अवसर पर सर्वसम्मति से पर्यावरण समिति नाहन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। नवगठित कार्यकारिणी में फिर से अध्यक्ष पद पर डा. सुरेश जोशी को मनोनीत किया गया।
महासचिव पद पर विजय चौहान को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विजरा तोमर को उपाध्यक्ष , जबकि सीमा वर्मा को संयुक्त सचिव मनोनीत किया गया। कोषाध्यक्ष के रूप में डा. रविकांत व केएल पराशर को मनोनीत किया गया है। पर्यावरण समिति नाहन की मीडिया प्रभारी का जिम्मा गिरीश योगी , चेतना सिंह व प्रेरणा भारद्वाज को सौंपा गया है। इसके अलावा प्रो. अमर सिंह चौहान मुख्य सलाहकार होंगे। सह-सलाहकार के रूप में डा. प्रदीप शर्मा व निरूपमा जोशी कार्यभार देखेंगी। समिति के कार्यकारी सदस्यों में सुनील गौड़, नरदेव ठाकुर, ओंकार जमवाल, हिमानी जोशी, प्रो. रजत ठाकुर को नियुक्त किया गया।